भक्ति और परंपरा का संगम: औरंगाबाद में जितिया महापर्व सम्पन्न

Jyoti Sinha
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बिहार के औरंगाबाद ज़िले में जितिया पर्व के अवसर पर परंपरागत बहरुपिया उत्सव आयोजित किया गया। इस उत्सव में कलाकार विभिन्न लोक पात्रों और पौराणिक चरित्रों का वेश धारण कर नाट्य प्रस्तुतियाँ करते हैं। इसे देखने के लिए भारी संख्या में लोग जुटते हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह आयोजन न सिर्फ़ मनोरंजन का माध्यम है बल्कि सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सौहार्द को भी मज़बूत करता है।

महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग सभी इस उत्सव का हिस्सा बने।कलाकारों ने ऐतिहासिक और धार्मिक कहानियों को मंच पर जीवंत कर दिया, जिससे नई पीढ़ी को अपने समाज और परंपराओं से जोड़ने का संदेश मिला। उत्सव के दौरान भजन-कीर्तन और लोक गीतों की प्रस्तुति ने भी लोगों का मन मोह लिया।जितिया पर्व मुख्य रूप से माताएँ अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए मनाती हैं। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन इस पर्व की महत्ता को और गहराई से दर्शाते हैं।

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