लोक आस्था का महापर्व छठ: खरना के साथ शुरू हुआ निर्जला व्रत, 27 अक्टूबर को डूबते सूर्य और 28 को उगते सूर्य को अर्घ्य

Jyoti Sinha
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लोक आस्था और सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व की शुरुआत शनिवार, 25 अक्टूबर को ‘नहाय-खाय’ के साथ हुई। इसके बाद रविवार को पर्व का दूसरा चरण ‘खरना’ मनाया जा रहा है।

खरना के दिन व्रतियों ने पूर्ण पवित्रता के साथ छठी मैया की पूजा-अर्चना की और गुड़ की खीर, रोटी और केले का प्रसाद तैयार किया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रती अब अगले 36 घंटे के निर्जला उपवास की शुरुआत कर चुके हैं, जो छठ पर्व की सबसे कठिन साधना मानी जाती है।

संध्या और उषा अर्घ्य का समय

छठ महापर्व के तीसरे दिन सोमवार, 27 अक्टूबर की शाम व्रती गंगा, तालाब या स्थानीय घाटों पर पहुंचकर डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित करेंगे। इसके बाद मंगलवार, 28 अक्टूबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ यह महापर्व संपन्न होगा।

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बिहार के 38 जिलों में सूर्यास्त और सूर्योदय का अनुमानित समय

मौसम विभाग और पंचांगों के अनुसार, 27 अक्टूबर को सूर्यास्त का समय बिहार के विभिन्न जिलों में शाम 5:01 बजे से 5:18 बजे के बीच रहेगा।

  • पटना: 5:11 बजे
  • भागलपुर: 5:04 बजे
  • मुजफ्फरपुर: 5:10 बजे
  • पूर्णिया: 5:02 बजे
  • गया: 5:11 बजे
  • पश्चिमी चंपारण: 5:12 बजे
  • अररिया: 5:01 बजे

वहीं, 28 अक्टूबर को सूर्योदय का समय सुबह 5:45 बजे से 6:01 बजे के बीच रहेगा।

  • पटना: 5:55 बजे
  • भागलपुर: 5:47 बजे
  • मुजफ्फरपुर: 5:54 बजे
  • पूर्णिया: 5:46 बजे
  • गया: 5:55 बजे
  • पश्चिमी चंपारण: 5:59 बजे
  • कटिहार: 5:45 बजे

सबसे पहले होगा सूर्योदय

इस बार सबसे पहले सूर्योदय कटिहार और पूर्णिया जिले में होगा, जबकि पश्चिमी चंपारण में सबसे अंत में।

चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और स्वच्छता का संदेश भी देता है।

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