कब सुधरेगा स्वास्थ्य विभाग! महिला मरीज एक घंटे तक खींचती रही सांस, ऑक्सीजन सिलेंडर खाली, अस्पताल प्रशासन चुप

Puja Srivastav
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NEWSPR डेस्क। पटना सिटी एंबुलेंस नहीं मिलने पर गुरुवार की दोपहर 12:34 बजे स्वजन भाड़ा के टेंपो से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अस्पताल से लगभग आधा किलोमीटर दूर सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थित रेडियोलॉजी विभाग पहुंचे। परिजन ने बताया कि मरीज ऑक्सीजन पर भर्ती है। मास्क लगा हुआ है। वार्ड से जो सिलेंडर साथ में दिया गया उसका ऑक्सीजन खत्म था। पुर्जा अस्पताल में छूट जाने के कारण गंभीर वृद्धा मरीज को अल्ट्रसाउंड कराने के लिए गेट पर ट्राली नहीं दिया गया। टेंपो पर बैठी महिला मरीज सांस खींचती रही।

वही पीड़ित की पुत्री ने बताया कि पुर्जा लाने के लिए फिर अस्पताल दौड़ कर गयी। जब पुर्जा लेकर आयी तब ट्रॉली मिला। मरीज को अंदर ले गई तो पहले से अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों की कतार लगी थी। मरीज की सांस और तेज चलने लगी। कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर वृद्धा का जल्दी से अल्ट्रासाउंड कराया। कर्मियों ने कहा कि सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं है जल्दी वार्ड ले जाओ। घबराए स्वजन ट्रॉली से मरीज को लेकर बाहर गेट पर आए। यहां से आधा किलोमीटर दूर टीबी चेस्ट विभाग के वार्ड में मरीज को ले जाने के लिए कोई साधन नहीं था।

एनएमसीएच की इमरजेंसी लेकर विभिन्न विभागों में भर्ती गंभीर मरीजों के लिए भी बेड पर अल्ट्रासाउंड या एक्सरे किये जाने की सुविधा नहीं है। सभी मरीजों को लोग भाड़े की एंबुलेंस, टेंपो, अन्य वाहन या ट्रॉली पर खींच कर अस्पताल से बाहर लगभग आधा किलोमीटर दूर रेडियोलॉजी विभाग ले जाते हैं। मरीजों को अस्पताल से जांच केंद्र लाने ले जाने के लिए ई रिक्शा की बहाल सेवा लगभग एक साल से बंद है। लोगों का कहना है कि अस्पताल से न एंबुलेंस दिया जाता है न ही कोई और वाहन की सुविधा है। इस कारण अस्पताल परिसर टेंपो स्टैंड बना रहता है।

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अधीक्षक ने चुप्पी साधी, प्राचार्या बोलीं- संज्ञान लेना चाहिए
इस मामले में अधीक्षक डॉ. प्रो. रश्मि प्रसाद से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन काट दिया। वही एनएमसीएच की प्राचार्या डॉ. प्रो. उषा कुमारी ने कहा कि गंभीर मरीज का अल्ट्रासाउंड पुर्जा का इंतजार किये बिना किया जाना चाहिए था। ऑक्सीजन वाले मरीज का सिलेंडर कैसे था, गंभीर मरीज की बेड साइड जांच के लिए रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार से बात करेंगे।

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