रेलवे में फर्जी सरकारी नौकरी दिलाने का घोटाला आया सामने। ईडी की टीम 6 राज्यों में एक साथ छापे; 40 से ज्यादा विभागों तक फैला नेटवर्क

Puja Srivastav

NEWSPR डेस्क। पटना प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कारवाई की हैं। बिहार सहित देश के छह राज्यों में एक साथ छापेमारी कर ईडी ने संगठित जालसाज गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। शुरुआती जांच में यह घोटाला रेलवे से जुड़ा नजर आया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच दायरा आगे बढ़ी, इसका दायरा 40 से अधिक सरकारी विभागों तक फैला हुआ मिला।

जानकारी के मुताबिक ईडी की टीमें बिहार के मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। छापेमारी के दौरान फर्जी नियुक्ति पत्र, डिजिटल दस्तावेज, बैंक लेनदेन से जुड़े सबूत और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद होने की संभावना जताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए जाने की जानकारी मिली है।

आपको बता दें कि फर्जी तरीके से रेलवे समेत अन्य विभागों में नौकरी दिलाने का मामला पूर्व में भी सामने आया था जिसमें आधिकारिक सरकारी डोमेन से मिलते-जुलते नकली ईमेल आईडी का इस्तेमाल करते थे, जिससे अभ्यर्थियों को नौकरी असली लगती थी। चयन प्रक्रिया, मेडिकल और जॉइनिंग लेटर तक का पूरा नाटक रचा जाता था।

जिसमें 2 से 3 महीने का शुरुआती वेतन भी दिया जाता था, ताकि किसी तरह का संदेह न हो। इसके बाद अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली जाती है प्रवर्तन निदेशालय की जांच में खुलासा हुआ है कि यह धोखाधड़ी केवल रेलवे तक सीमित नहीं थी। वन विभाग, आयकर विभाग, उच्च न्यायालय, लोक निर्माण विभाग (PWD) और बिहार सरकार सहित कई अन्य सरकारी संस्थानों के नाम पर भी फर्जी नियुक्तियां दिखाई गईं।

इससे साफ है कि गिरोह बेहद संगठित तरीके से लंबे समय से सक्रिय है। केंद्र और राज्य सरकार में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में अब कोई ढील नहीं दी जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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