नीतीश सरकार का फैसला , किस मंत्री-विधायक को मिलेगा डबल सरकारी आवास

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने मंत्रियों और विधायकों को दो सरकारी आवास देने का फैसला किया है। हालांकि दूसरे आवास के लिए उन्हें तय किराया चुकाना होगा। साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा बिना शर्त नहीं मिलेगी, बल्कि दूसरे आवास के लिए कुछ नियम और शर्तें भी लागू की गई हैं।

पटना में बिहार सरकार के एक फैसले ने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या मंत्रियों और शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों के लिए एक सरकारी आवास पर्याप्त नहीं था। दरअसल, सरकार ने मंत्रियों के साथ-साथ विधान परिषद के सभापति व उपसभापति तथा विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को एक अतिरिक्त सरकारी आवास देने का निर्णय लिया है। भवन निर्माण विभाग के तहत अब केंद्रीय पूल से पहले से आवंटित बंगले के अलावा विधानमंडल पूल से विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्धारित आवास भी उन्हें शर्तों के साथ उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद संबंधित पदाधिकारियों को दो-दो सरकारी बंगले की सुविधा मिल सकेगी।

बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने एक और अहम निर्णय लेते हुए विधानमंडल के उन वरिष्ठ सदस्यों को भी अतिरिक्त सरकारी आवास देने का फैसला किया है, जो फिलहाल मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं हैं। नई व्यवस्था के तहत निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर विधानमंडल पूल से पहले से चिन्हित आवास के साथ-साथ पटना स्थित केंद्रीय पूल से कुल 15 आवास मानक किराए पर और तय शर्तों के अधीन आवंटित किए जाएंगे।

भवन निर्माण विभाग के केंद्रीय पूल ने अतिरिक्त आवास के लिए स्पष्ट शर्तें निर्धारित की हैं। नियमों के अनुसार, उन सदस्यों को ही आवास मिलेगा जिन्होंने छह या उससे अधिक बार विधानमंडल की सदस्यता संभाली हो। वहीं, दूसरा आवास केवल उन्हीं को प्रदान किया जाएगा जिन्होंने कम-से-कम एक बार या तीन बार राज्य मंत्रिपरिषद में सेवा दी हो, या जो पूर्व में राज्य के मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री रह चुके हों।

भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने जानकारी दी है कि बिहार विधानसभा के सभी सदस्यों के लिए विधायक आवासन परिसर में कुल 243 आवास तैयार किए गए हैं, जिनका प्रत्येक का कवर क्षेत्रफल 3681 वर्ग फीट है और ये विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार चिह्नित हैं। इसी तरह, विधान परिषद के सदस्यों के लिए विधान पार्षद आवासन परिसर में 75 आवास बनाए गए हैं, जिनका क्षेत्रफल भी 3681 वर्ग फीट है और इन्हें भी निर्वाचन क्षेत्रों के अनुसार आवंटित किया गया है। इन चिह्नित आवासों के अतिरिक्त जो आवास सदस्यों को दिए जाएंगे, उनके लिए पूर्व निर्धारित मानक किराया भुगतान करना अनिवार्य होगा।

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