NEWSPR डेस्क। बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस की बर्बरता का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ताजपुर थाना क्षेत्र में हिरासत में लिए गए एक युवक की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही हड़कंप मच गया। घटना का वीडियो वायरल होते ही समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने तत्परता दिखाते हुए थानाध्यक्ष, केस के अनुसंधानकर्ता (दारोगा) और एक आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
15 जनवरी की घटना, पूछताछ के नाम पर टॉर्चर
जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को ताजपुर पुलिस ने एक पुराने मामले की जांच के सिलसिले में युवक को हिरासत में लिया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिसकर्मियों ने कानूनी सीमाओं को लांघते हुए अमानवीय व्यवहार किया और युवक की बेरहमी से पिटाई की। इसी दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों को युवक की निर्ममता से पिटाई करते हुए साफ देखा जा सकता है।
जांच में दोषी पाए गए पुलिसकर्मी
वीडियो सामने आते ही एसपी अरविंद प्रताप सिंह सक्रिय हुए और तत्काल प्राथमिक जांच के आदेश दिए। जांच में पुलिसकर्मियों के दुराचार की पुष्टि हुई। एसपी ने कहा कि: “कस्टडी में हिंसा और मानवाधिकारों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” इसी आधार पर थानाध्यक्ष, दरोगा और एक आरक्षी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। एसपी ने संकेत दिए कि विस्तृत जांच के बाद आगे और भी कठोर दंड दिए जा सकते हैं।
स्थानीय लोगों में गुस्सा, न्याय की मांग उठी
घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जनता का कहना है कि पुलिस सुरक्षा देने के बजाय टॉर्चर सेंटर बन गई है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ित युवक के लिए न्याय और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पूरी घटना की सघन जांच जारी है और कानून से बाहर जाकर काम करने वाले किसी भी अधिकारी को किसी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया जाएगा।