NEWSPR डेस्क। नवगछिया के ढोलबज्जा इलाके में रंगदारी का आतंक एक बार फिर गहराया है। अपराधी छोटूवा यादव ने जेल के अंदर से ही स्थानीय व्यवसायियों को धमकी भरा पैगाम भेजा है. “15 जनवरी तक पांच लाख दो, नहीं तो अंजाम भुगतो।” कपड़ा व्यवसायी अशफाक ने बताया कि 15 जनवरी अंतिम तारीख थी, लेकिन इतनी बड़ी रकम वे किसी भी स्थिति में नहीं जुटा पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के पास जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अशफाक का कहना है, “किसी भी समय हमारी हत्या हो सकती है।
छोटूवा यादव का बढ़ता साम्राज्य, राहुल यादव बना दाहिना हाथ
इलाके के लोगों का कहना है कि छोटूवा यादव ने जेल से ही अपराध का नेटवर्क खड़ा कर रखा है। उसके दाहिने हाथ राहुल यादव पर सबसे गंभीर आरोप हैं। बीते सितंबर में छोटू यादव ने नवगछिया नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष व वार्ड पार्षद टीएन यादव से 20 लाख की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी।
व्यवसायी अररिया भागा, प्रॉपर्टी तक नहीं बेचने दी जा रही
छोटूवा और राहुल के खौफ का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि गोपालपुर थाना क्षेत्र के पंचगछिया निवासी व्यवसायी सुधीर स्वर्णकार अपना पूरा व्यवसाय समेटकर अररिया शिफ्ट हो गए। उन्होंने अपना मार्केटिंग कंप्लेक्स बेचना चाहा, लेकिन अपराधियों के दबाव के कारण खरीदारों को धमकाकर सौदा रुकवा दिया गया।
कई गंभीर मामलों में आरोपी राहुल यादव, सुपारी किलिंग में हुई थी गिरफ्तारी
विनोद यादव हत्याकांड में वर्षों से फरार चल रहे राहुल यादव पर एक समय एक लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसके बाद इस्माईलपुर प्रखंड प्रमुख मालती देवी के पुत्र मिथुन यादव की हत्या (8 मार्च 2024) की सुपारी लेने के आरोप में राहुल को असम से गिरफ्तार किया गया था।
बेल पर बाहर आने के बाद राहुल यादव ने छोटूवा यादव के इशारे पर इलाके में लगातार रंगदारी की मांग, धमकी और उत्पीड़न का सिलसिला तेज कर दिया। ढोलबज्जा में वर्तमान में आधे दर्जन से अधिक व्यवसायी उनकी धमकियों के कारण भयभीत हैं। राहुल पहले भी नवगछिया के एक दुकानदार को वाट्सऐप कॉल कर रंगदारी की मांग कर चुका है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा, कार्रवाई की मांग
लगातार बढ़ते दहशत और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। व्यवसायियों का कहना है कि वे “अपराधियों और गैंगस्टरों के कब्जे में जी रहे हैं,” जबकि पुलिस “सिर्फ आश्वासन तक सीमित” है।