NEWS PR डेस्क : अब पटना की पहचान केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक शहर के रूप में ही नहीं रहेगी, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत का एक अहम केंद्र भी बनेगा। अटल पथ के समीप प्रस्तावित पीएम एकता मॉल, “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करते हुए बिहार को एक नई और विशिष्ट पहचान देने का काम करेगा।
पटना में अटल पथ के समीप एएन कॉलेज पानी टंकी के पास करीब 2.97 एकड़ जमीन पर प्रधानमंत्री एकता मॉल, जिसे यूनिटी मॉल भी कहा जाएगा, का निर्माण किया जाना है। यह मॉल ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के अंतर्गत विकसित किया जाएगा, जहां बिहार के सभी जिलों के साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पारंपरिक और प्रसिद्ध उत्पाद एक ही परिसर में उपलब्ध होंगे।
सोमवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने प्रस्तावित स्थल का जायजा लिया और परियोजना की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए।
पीएम एकता मॉल का निर्माण पटना के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र अटल पथ के आसपास किया जाएगा, जिसे यातायात और कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने स्थल की उपलब्धता, ट्रैफिक व्यवस्था और आसपास मौजूद संरचनाओं की स्थिति का विस्तार से आकलन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण शुरू होने से पहले सभी अवरोधों और जर्जर ढांचों को हटाया जाए, ताकि आगे चलकर आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
यूनिटी मॉल का मुख्य उद्देश्य ‘एक जिला, एक उत्पाद’ की अवधारणा को प्रभावी रूप से लागू करना है। इस मॉल के जरिए बिहार के प्रत्येक जिले की पहचान उसके खास उत्पादों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचेगी। साथ ही, भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पारंपरिक उत्पाद भी यहां एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को सीधे बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ाने के नए अवसर सृजित होंगे।
पीएम एकता मॉल का कुल प्रस्तावित क्षेत्रफल 12,054 वर्गमीटर, यानी लगभग 2.978 एकड़ होगा। इसमें 3,069.67 वर्गमीटर हिस्से में ग्राउंड कवरेज निर्धारित किया गया है। मॉल का निर्माण बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और उसके ऊपर पांच मंजिलों में किया जाएगा। इसका कुल निर्मित क्षेत्र 19,466.1 वर्गमीटर होगा, जिससे यह आकार और सुविधाओं के मामले में पटना के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में शामिल हो सकेगा।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने साफ किया कि परियोजना के निर्माण में सभी पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। मॉल में बेहतर पार्किंग व्यवस्था, आगंतुकों की सुरक्षा और सुचारु यातायात प्रबंधन को खास तवज्जो दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह परिसर केवल एक शॉपिंग मॉल नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा, जहां बड़ी संख्या में लोग आएंगे, इसलिए सुरक्षा और सुविधाओं के हर पहलू पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
निरीक्षण के मौके पर नगर विकास प्राधिकरण, पटना नगर निगम और बुडको के अधिकारी भी उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जाए और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पटना के विकास में एक अहम पड़ाव साबित होगी, इसलिए सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
पीएम एकता मॉल के निर्माण से पटना को न सिर्फ एक नया व्यावसायिक केंद्र मिलेगा, बल्कि यह देश की विविधता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी बनेगा। यहां आने वाले लोग एक ही परिसर में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक की कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की झलक देख सकेंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।