NEET की छात्रा की मौत मामले में बड़ी करवाई। पटना पुलिस थाना अध्यक्ष रोशनी कुमारी और दरोगा हेमंत झा को किया गया निलंबित

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : NEET की छात्रा की मौत का मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के 10 दिन बाद भी पटना पुलिस मामले का उद्भेदन करने में फिसड्डी साबित हो रही है जबकि sit गठित के बाद रिपोर्ट को वरीय पदाधिकारी को।भी सौंप दिया गया बाबजूद इसके डॉक्टरों ने पटना पुलिस के जांच रिपोर्ट पर असंतोष जताया है

अब सवाल यह है कि क्या अभी भी पटना पुलिस दोषियों को बचाने में लगी है या डॉक्टर पर लग रहे आरोप को लेकर डॉक्टर अपनी छवि साफ सुथरा दिखाने में लगे है हालांकि अभी भी पुलिस के अनुसार जांच जारी है अब देखना होगा कि तमाम रिपोर्ट जांच आने के बाद पटना पुलिस की करवाई में किसे दोषी पाया जाता है या फिर मामले को रफा दफा किया जाता है।

दरअसल यह पूरा मामला चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभु गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है जहां सात जनवरी को छात्रा बेहोशी की हालत में कमरे में मिली थी घटना को लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां छात्रा की स्थिति बिगड़ते देख अन्य दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया अंततः 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई है।

घटना के बाद परिजनों के द्वारा लगाए जा रहे रेप के आरोप को asp अभिनव कुमार ने आनन फानन पुष्टि कर दिया कि डॉक्टरों के रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा की मौत नशे का ओवरडोज होना बताया गया जबकि परिजनों ने इसका विरोध किया और डीएम के निर्देश पर टीम गठित कर वीडियो ग्राफी कराई गई ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो सके कि छात्रा के साथ रेप हुई है या नहीं।

13 जनवरी को पोस्टमार्टम के बाद छात्रा को अंतिम संस्कार के ले जाने के क्रम में परिजनों ने बताया कि छात्रा के साथ रेप होने की जानकारी डॉक्टरों के द्वारा दी गई है इसे लेकर परिजनों समेत अन्य लोगों ने छात्रा के शव को कारगिल चौक पर रख कर दो घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और यातायात को बाधित कर दिया पुलिस को शव को हटाने में पसीना छूट गए हालांकिदो घंटे बाद किसी तरह समझा बुझा कर शव को हटाया गया।

घटना के बाद पुलिस ने आनन फानन हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और पटना ssp ने इस बात की जानकारी दी कि जांच की जा रही है जो भी दोषी होंगे उनपर करवाई की जाएगी। 15 जनवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह मिला कि छात्रा के साथ रेप की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता इसे लेकर sit की टीम गठित की गई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जांच के लिए पांच डॉक्टरों की गठित कर एम्स भेज दिया ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की और बेहतर जांच किया जा सके।

एम्स के रिपोर्ट के मुताबिक sit की टीम पर डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि कई दस्तावेज को पुलिस ने डॉक्टरों को नहीं दिया इसे लेकर जांच प्रभावित हुई है और परिजनों के द्वारा दिए गए पीड़िता के कपड़े पर स्पर्म मिलने के बाद अब DNA टेस्ट के लिए भेजा गया है अब DNA टेस्ट का जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक परिजनों के द्वारा लगाए गए आरोपितों का dna जांच कराया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि छात्रा के साथ रेप की घटना कारीत करने वाले में कौन कौन लोग शामिल है।

अब सवाल यह है क्या पहले दिए गए डॉक्टर के रिपोर्ट गलत थी या पुलिस किसी दबाव में आकर जल्दबाजी कर मामले को रफा दफा करने में जुट गई थी। या फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर अपने आप को बचाने में लग गई है या पुलिस के वरीय अधिकारी खुद को बचाने के लिए चित्रगुप्त थाना अध्यक्ष रोशनी कुमारी और कदमकुआं के दारोगा हेमंत झा को निलंबित कर दिया है इन सारी बातों को लेकर कहीं न कहीं पटना पुलिस और डॉक्टर का रिपोर्ट सवालों के घेरे में है अब देखना यह दिलचस्प होगा कि पटना पुलिस कितनी जल्द दोषियों पर करवाई करते हुए मामले का खुलासा करती है।

Share This Article