NEWS PR डेस्क: कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की नीतियों को लेकर शकील अहमद की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए रावत ने कहा कि “सड़ा हुआ आलू ढेर से अपने आप बाहर हो जाता है, उसका कोई महत्व नहीं रह जाता।”
दरअसल, शकील अहमद ने हाल ही में कांग्रेस और उसके मुस्लिम वोट बैंक को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि लंबे समय से मुस्लिम समाज कांग्रेस को वोट देता आ रहा है और पार्टी भी मुस्लिम वोट हासिल करना चाहती है। हालांकि, उनका आरोप था कि राजनीतिक दलों के बयान अक्सर सिर्फ वोट हासिल करने के मकसद से दिए जाते हैं, जिसे समाज समझ भी सकता है।
शकील अहमद ने कहा था कि भाजपा भी मुस्लिम वोट चाहती है, लेकिन वह मुस्लिम समाज के खिलाफ भाषण देती है। उनका तर्क था कि अगर कोई पार्टी किसी वर्ग के पक्ष में बोलती है, तो उसे वोट के लिए किया गया प्रयास माना जाता है, जबकि किसी के खिलाफ बोलने पर लोग उसे दुश्मनी के रूप में लेते हैं।
पूर्व कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी को लेकर यह भी कहा था कि उनके मन में यह धारणा बनी हुई है कि जिस दिन मुस्लिम समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा से नाराज होगा, उस दिन कांग्रेस को उसका समर्थन स्वतः मिल जाएगा। शकील अहमद का दावा था कि कांग्रेस खुद को देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी मानती है और उसे लगता है कि वह दूसरे स्थान से नीचे नहीं जा सकती।
हरीश रावत के इस बयान को शकील अहमद की टिप्पणियों से खुद को अलग करने और कांग्रेस की आधिकारिक लाइन स्पष्ट करने के तौर पर देखा जा रहा है। रावत के तीखे शब्दों से यह संकेत भी मिला है कि पार्टी अब इस तरह के बयानों को कोई अहमियत देने के मूड में नहीं है।