NEWS PR डेस्क: पटना सिविल कोर्ट परिसर में हथियारबंद अपराधी के पकड़े जाने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पटना पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे गहन पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई की पुष्टि सिटी एसपी सेंट्रल दीक्षा ने की है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि दिनदहाड़े उस वक्त अफरा-तफरी मच गई थी, जब एक अपराधी पिस्टल लेकर अपने एक साथी के साथ पटना सिविल कोर्ट परिसर में घुसने की कोशिश कर रहा था। कोर्ट की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए हथियारबंद बदमाश को मौके पर ही पकड़ लिया, हालांकि उसका एक सहयोगी भीड़ और अफरातफरी का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक पिस्टल और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधी वैशाली जिले का निवासी है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने एक साथी के साथ कोर्ट परिसर में आया था, जो पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसी विशेष व्यक्ति को निशाना बनाने आया था या फिर किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना थी। ताजा जानकारी के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर सामने आए तथ्यों के आधार पर एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जबकि फरार सहयोगी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इधर, इस घटना के बाद सिविल कोर्ट में मौजूद वकीलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि पहले भी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं और अब अपराधी खुलेआम हथियार लेकर कोर्ट परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में अगर न्यायालय परिसर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।