सुनेत्रा पवार लेंगी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ! होंगी महाराष्‍ट्र की पहली महिला डिप्‍टी CM

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: अजित पवार के विमान हादसे में दुखद निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उठ रही तमाम अटकलों पर अब विराम लगता दिख रहा है। एनसीपी की कमान अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार संभालने जा रही हैं। महायुति सरकार में उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपे जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार शाम मुंबई में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जा सकती है। वे देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट में बतौर डिप्टी सीएम शामिल होने पर सहमत हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को मुंबई में होने वाली एनसीपी विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार के नाम पर औपचारिक मुहर लगेगी। इसके साथ ही उनके उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक अहम खुलासा सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि सुनेत्रा पवार ने महायुति कैबिनेट में शामिल होने का फैसला लेने से पहले शरद पवार या एनसीपी (शरद पवार गुट) से कोई राय-मशविरा नहीं किया। बताया जा रहा है कि इस निर्णय से शरद पवार खेमे के नेता और परिवार के कई सदस्य भी अनजान रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अजित पवार और शरद पवार के बीच एनसीपी के दोनों गुटों को एकजुट करने को लेकर बातचीत चल रही थी। यह वार्ता अंतिम दौर में थी और 8 फरवरी 2026 को विलय की औपचारिक घोषणा की तैयारी थी। लेकिन उससे पहले ही बारामती के पास हुए विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि तारीख भले टल जाए, लेकिन दोनों गुटों के विलय की संभावना अभी भी बनी हुई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार के निधन के बाद प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने घोषणा की कि 2026-27 के राज्य बजट की निगरानी वे खुद करेंगे। फडणवीस ने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में अजित पवार ने बजट की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं।सीएम ने कहा, “अजित दादा ने बजट पर बहुत बारीकी से काम किया था। उनके विजन को पूरा करने के लिए मैं खुद इस प्रक्रिया की निगरानी करूंगा। अब यह तय किया जाएगा कि विधानसभा में बजट कौन पेश करेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुने जाने की पूरी संभावना है। शुक्रवार शाम वे पुणे से मुंबई रवाना हुईं। शनिवार को होने वाली बैठक में इस पर औपचारिक फैसला लिया जाएगा। अजित पवार की बुधवार को हुई मौत के बाद से ही राज्य की राजनीति में बड़े बदलावों की चर्चाएं तेज थीं। इसी क्रम में एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन सुनेत्रा पवार के सरकार में शामिल होने के फैसले से पहले एनसीपी (एसपी) को भरोसे में न लिए जाने से सुलह की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।

राजनीतिक गलियारों में सुनेत्रा पवार के कदम को अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने* के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि एनसीपी (एसपी) खेमे में इसे एकतरफा फैसला मानते हुए असंतोष की चर्चा है। सुनेत्रा पवार फिलहाल विधानसभा या विधान परिषद की सदस्य नहीं हैं, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने 2024 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था* और अब राज्य के शीर्ष नेतृत्व में पहुंचने जा रही हैं।

अगर सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री बनती हैं, तो वे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी। इसे राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि, इस फैसले का असर एनसीपी के दोनों गुटों के रिश्तों और भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर क्या पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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