बिहार में मुफ्त बिजली के बाद अब मुफ्त सोलर; छतों पर लगेगा सोलर प्लांट, बिजली खर्च होगा शून्य

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: बिहार सरकार मुफ्त बिजली योजना के बाद अब गरीब परिवारों के लिए सोलर रूफटॉप योजना शुरू करने जा रही है। राज्य के 58 लाख गरीब बिजली उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर रूफटॉप प्लांट लगाए जाएंगे। पहले चरण में 10 लाख घरों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।

यह घोषणा ऊर्जा एवं सह-वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को बिहार बजट पेश करते हुए की। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में सरकारी भवनों पर भी 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए फैसला:

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिहार में आर्थिक विकास के साथ बिजली की मांग लगातार बढ़ी है। दो दशक पहले राज्य में बिजली की खपत मात्र 700 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 8,752 मेगावाट तक पहुंच गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बिजली की मांग 9,600 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।

चरणबद्ध तरीके से मजबूत हुआ बिजली ढांचा:

उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 तक बिहार में कोई बड़ा बिजली उत्पादन केंद्र नहीं था। इसके बाद बरौनी, कांटी, नवीनगर, कजरा, पीरपैंती और चौसा में बिजली घरों का निर्माण किया गया। इसके साथ ही संचरण और वितरण नेटवर्क को भी लगातार मजबूत किया गया।

राज्य में ग्रिड की संख्या 2005 में 45 थी, जो अब बढ़कर 175 हो गई है, जबकि 16 नए ग्रिड निर्माणाधीन हैं। पहले जहां 5,000 सर्किट किलोमीटर संचरण तार बिछे थे, अब यह बढ़कर 21,165 सर्किट किलोमीटर हो चुके हैं। इसके अलावा 2,369 सर्किट किलोमीटर नए तार बिछाने का काम जारी है।

गांव से शहर तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति:

सरकार का दावा है कि राज्य के सभी इच्छुक उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन दिया जा चुका है। गली-मोहल्लों में तार बिछाए गए हैं और हादसों को रोकने के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में कवर्ड तार लगाए गए हैं। पटना जैसे बड़े शहरों में भूमिगत केबलिंग का काम भी चल रहा है।

मीटर रीडिंग और स्पॉट बिलिंग व्यवस्था लागू होने से बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों में कमी आई है। सरकार का कहना है कि गांव से लेकर शहर तक 22 से 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

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