NEWS PR डेस्क : बिहार विधानसभा के बजट सत्र 2026 के तीसरे दिन सदन में सत्ता पक्ष के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आ गए। जेडीयू विधायक श्याम रजक ने पटना के किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी ही सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव से कड़े सवाल दागे।
नो-एंट्री व्यवस्था और बिचौलियों की भूमिका को लेकर दोनों नेताओं के बीच सदन में काफी देर तक तीखी बहस होती रही, जिससे विधानसभा का माहौल गरमा गया। बिहार विधानसभा में किसानों के मुद्दे पर नीतीश सरकार के भीतर ही ‘राम’ और ‘श्याम’ आमने-सामने आ गए। इस बार सरकार को घेरने वाला हमला विपक्ष से नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष की ओर से हुआ। जेडीयू विधायक श्याम रजक ने फुलवारी और पुनपुन इलाके के करीब 20 हजार पंजीकृत किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए।
श्याम रजक का आरोप था कि नो-एंट्री व्यवस्था और स्थानीय मंडियों की कमी के चलते किसान अपनी उपज मुसल्लहपुर हाट तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इसका सीधा फायदा बिचौलियों को मिल रहा है, जबकि किसान लगातार आर्थिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। सरकार की ओर से कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन उनके जवाबों को विधायक श्याम रजक ने अस्पष्ट और गोल-मोल बताते हुए असंतोष जताया।
पटना के फुलवारीशरीफ से विधायक श्याम रजक ने सदन में साफ कहा कि पुनपुन और फुलवारी क्षेत्र के किसानों के लिए कोई स्थानीय मंडी मौजूद नहीं है। सरकार भले ही मुसल्लहपुर हाट के विकास की बात कर रही हो, लेकिन शहर में लागू नो-एंट्री के कारण किसान वहां तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या किसानों को बिचौलियों के भरोसे छोड़ दिया गया है, या फिर वे अपनी उपज के साथ मरने को मजबूर हैं? श्याम रजक ने कृषि मंत्री से सीधा और स्पष्ट जवाब मांगा कि सरकार इन इलाकों में नई मंडी बनाने का इरादा रखती है या नहीं।
श्याम रजक के तीखे सवालों के जवाब में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि 2006 में एपीएमसी एक्ट हटने के बाद से राज्य सरकार लगातार कृषि बाजारों के आधुनिकीकरण पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के 54 बाजारों को ‘मॉडल कृषि बाजार’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां डिजिटल मार्केटिंग, कोल्ड स्टोरेज और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।मंत्री रामकृपाल यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि पुनपुन में मंडी का विकास किया जा रहा है, लेकिन हर छोटे-छोटे स्थान पर मंडी बनाना फिलहाल संभाव्य नहीं है।
बहस के दौरान कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने तंज भरे अंदाज में कहा कि वे स्वयं उस क्षेत्र के सांसद रह चुके हैं और किसानों की भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा, “हम पूरे बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अगर विधायक को लगता है कि फुलवारी ही पूरे बिहार का प्रतिनिधित्व करता है, तो मुझे इस पर कुछ कहने की आवश्यकता नहीं। इस पर श्याम रजक ने पलटवार करते हुए जवाब दिया कि वे सटीक और वास्तविक सवाल पूछ रहे हैं, जबकि मंत्री उन्हें पूरे बिहार की सामान्य बातें सुना रहे हैं। आखिरकार, स्पीकर ने दखल देते हुए निर्देश दिया कि मामले को केंद्र की योजनाओं के तहत देखा जाए, ताकि किसानों की समस्याओं का समुचित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।