बिहार चुनाव नहीं होगा रद्द, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, जन सुराज पार्टी की याचिका खारिज

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: उच्चतम न्यायालय ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को चुनौती देने वाली जन सुराज पार्टी (JSP) की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी एक राजनीतिक दल की मांग पर पूरे राज्य में चुनाव रद्द करने जैसा व्यापक आदेश जारी नहीं किया जा सकता। यह टिप्पणी प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के दौरान की।

कल्याणकारी योजना के कथित दुरुपयोग का लगाया गया था आरोप

जन सुराज पार्टी ने आरोप लगाया था कि बिहार सरकार ने चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिला लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये का भुगतान किया, जो कि आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन है।

पार्टी का दावा था कि इस कदम का उद्देश्य मतदाताओं को प्रभावित करना था और इससे अन्य राजनीतिक दलों को समान अवसर नहीं मिल पाया। इसी आधार पर पार्टी ने बिहार में नए सिरे से विधानसभा चुनाव कराने की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों किया हस्तक्षेप से इनकार

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सी यू सिंह ने दलील दी कि यह मामला संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत आता है। हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने साफ कहा कि “किसी राजनीतिक दल के कहने पर पूरे राज्य के लिए इतने व्यापक निर्देश जारी नहीं किए जाते।”

पीठ ने यह भी कहा कि चूंकि मामला केवल एक राज्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए याचिकाकर्ता को पटना उच्च न्यायालय का रुख करना चाहिए। इसके बाद जन सुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ली। बता दें कि चुनावी नतीजों में जन सुराज पार्टी को सफलता नहीं मिली थी। 2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी। वहीं विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को सिर्फ 35 सीटें मिलीं।

15,600 करोड़ रुपये बांटने का आरोप, सरकार पर साधा निशाना

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार ने कथित रूप से 15,600 करोड़ रुपये की राशि महिला रोजगार योजना के तहत वितरित की, जबकि राज्य पहले से आर्थिक संकट में था।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार और लघु व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रारंभिक वित्तीय सहायता दी जाती है। जन सुराज पार्टी का कहना है कि इस योजना का चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया।

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