NEWS PR डेस्क: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन गंगा पुल परियोजना के निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें बताया कि परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और शेष बचे कार्य को जल्द पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में और तेजी लाई जाए। उन्होंने पुल के साथ-साथ इसके पहुंच पथ (एप्रोच रोड) को भी तय समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया, ताकि आम लोगों को निर्बाध और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

पटना-उत्तर बिहार संपर्क होगा और मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुल के पूरा होने से पटना और उत्तर बिहार के बीच सड़क संपर्क पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ होगा। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि कृषि, उद्योग, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में उत्तर बिहार के मरीजों को पटना पहुंचने में काफी सहूलियत होगी।
महात्मा गांधी सेतु पर घटेगा ट्रैफिक दबाव
नीतीश कुमार ने बताया कि कच्ची दरगाह–बिदुपुर पुल चालू होने से महात्मा गांधी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। इससे राजधानी पटना में जाम की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

लगभग 20 किलोमीटर लंबी महत्वपूर्ण परियोजना
आपको बता दें कि यह परियोजना बिहार की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में शामिल है। इसकी कुल लंबाई लगभग 19.76 किलोमीटर है, जिसमें करीब 9.76 किलोमीटर लंबा मुख्य गंगा पुल और लगभग 10 किलोमीटर का पहुंच पथ शामिल है। इस परियोजना पर करीब 4,988 करोड़ रुपये की लागत आ रही है।
पहला चरण शुरू, अगले चरणों पर काम जारी
परियोजना का पहला चरण पहले ही शुरू हो चुका है, जिसके तहत कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक सड़क संपर्क बहाल हो गया है। अगले चरणों में इस पुल को विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा जा रहा है, जिससे समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी सहित कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।

गुणवत्ता से समझौता नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाए और परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। सरकार का मानना है कि इस तरह की बड़ी सड़क और पुल परियोजनाओं से राज्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी।