NEWS PR डेस्क: लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव सामने आए हैं। उन्होंने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके घर में “लक्ष्मी आई है” और यह उनके परिवार के लिए खुशी का विषय है।
आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव के बयानों पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक मामलों को मीडिया के सामने लाना या किसी का चरित्र हनन करना उनका उद्देश्य नहीं है। यह मामला अनुष्का यादव और तेज प्रताप यादव के बीच का है, और इसमें बाहरी लोगों को दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज तक उन्होंने परिवार की बात सार्वजनिक मंच पर नहीं रखी और आगे भी ऐसा नहीं करेंगे।
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि तेज प्रताप द्वारा कही गई बातों को वे परिवार का हिस्सा मानते हुए नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर कोई अन्य व्यक्ति उनकी बहन पर उंगली उठाएगा तो वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि उनकी बहन या परिवार की महिला सदस्य के चरित्र पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ वे कार्रवाई करेंगे।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कथित अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर भी आकाश यादव ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के निजी दस्तावेज सार्वजनिक करना कानूनन अपराध है। रिपोर्ट असली है या फर्जी, इस पर वे टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन निजी जीवन से जुड़ी सामग्री को सार्वजनिक करना गलत है और इस मामले में कार्रवाई की मांग की जाएगी।
पुरानी तस्वीरों और वीडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर उनका कहना था कि यदि कोई सामग्री आपत्तिजनक या गलत है तो संबंधित पक्ष को अदालत का रुख करना चाहिए। चरित्र पर सवाल उठने की स्थिति में कानूनी रास्ता ही उचित माध्यम है।
तेज प्रताप यादव द्वारा संबंधों से इनकार किए जाने पर आकाश यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे उनके घर आए थे, तब उन्होंने स्वयं पारिवारिक संबंध की बात कही थी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने कभी कोई फोटो या वीडियो सार्वजनिक नहीं किया।
आकाश यादव ने उज्जैनी के पिता का नाम सार्वजनिक करने से भी इनकार किया। उनका कहना था कि संबंधित व्यक्ति को जान का खतरा है और वे कानूनी जटिलताओं में उलझे हुए हैं, इसलिए किसी की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में अनुष्का या उनकी बेटी को पिता की आवश्यकता महसूस होगी, तो वे मीडिया के जरिए कोई दबाव नहीं बनाएंगे। परिवार से जुड़े मुद्दे परिवार के भीतर ही सुलझाए जाएंगे।
कुल मिलाकर, आकाश यादव ने साफ कर दिया कि यह मामला परिवार का है, जिसे वे कानूनी और निजी दायरे में ही सुलझाना चाहते हैं—मीडिया या सार्वजनिक मंच के जरिए नहीं।