NEWS PR डेस्क: चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव की जमानत याचिका पर आज दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 16 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी। अब इस मामले पर 16 फरवरी को आगे की सुनवाई होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राजपाल यादव को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें दो दर्जन से अधिक मौके दिए जा चुके हैं। साथ ही कोर्ट ने शिकायतकर्ता पक्ष को जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि फाइल देखने पर कई ऐसी बातें सामने आईं जिनकी पहले जानकारी नहीं थी। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि पहले आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली।
दिल्ली हाई कोर्ट ने 3 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि चुकाने के आश्वासन पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि मामला काफी समय से लंबित है और पुनरीक्षण तथा मध्यस्थता की कार्यवाही के दौरान कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। कोर्ट के अनुसार, करीब 25-30 बार सुनवाई स्थगित करवाई गई।
अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “आप जेल इसलिए गए हैं क्योंकि आपने अपना वादा पूरा नहीं किया।” कोर्ट ने यह भी कहा कि आदेश के बावजूद समय पर आत्मसमर्पण नहीं किया गया और दोबारा निर्देश जारी होने के बाद ही सरेंडर किया गया। हालांकि अदालत ने कहा कि उसे सहानुभूति हो सकती है, लेकिन कानून सबके लिए समान है।
मुरली प्रोजेक्ट्स की ओर से पेश वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि बचाव पक्ष पिछली सुनवाई के दौरान किसी भ्रम या गलत सूचना का दावा नहीं कर सकता, खासकर तब जब उस समय भी वरिष्ठ अधिवक्ता भास्कर उपाध्याय ही राजपाल यादव का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
वहीं, राजपाल यादव के वकील ने अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कहा कि अभिनेता अपने बड़े भाई की बेटी की शादी में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि बकाया राशि जमा करने की व्यवस्था की जा रही है और इसके लिए फिल्म इंडस्ट्री तथा अन्य लोगों से आर्थिक सहायता भी मिली है।