NEWS PR डेस्क : बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव, ऐश्वर्या राय और अनुष्का यादव से जुड़ा पारिवारिक विवाद फिर से सुर्खियों में है। 24 फरवरी को पटना फैमिली कोर्ट में तलाक मामले की अहम सुनवाई होगी, जिसमें तीसरी बार मध्यस्थता की कोशिश की जाएगी। ऐश्वर्या ने घरेलू हिंसा के आरोप लगाए हैं, जबकि तेज प्रताप तलाक लेने पर अड़े हैं। वहीं, अनुष्का की बेटी के जन्म की खबर ने विवाद को और जटिल बना दिया है।
बिहार की राजनीति से ज्यादा अब चर्चा में है एक पारिवारिक विवाद। तेज प्रताप यादव, ऐश्वर्या राय और अनुष्का यादव का नाम फिर सुर्खियों में है। पटना फैमिली कोर्ट में 24 फरवरी को तलाक मामले की अहम सुनवाई होने जा रही है, जिसमें तीसरी बार मध्यस्थता की कोशिश की जाएगी—यानी ‘सुलह की एक और कोशिश’।
मुख्य सवाल वही है—क्या रिश्ता बच पाएगा या कानूनी जंग और तेज होगी ?
तीसरी बार मध्यस्थता
फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज सुनील दत्त पांडेय की अदालत में दोनों पक्ष आमने-सामने होंगे। अदालत ने इसे आपसी सहमति से सुलझाने का निर्देश दिया है। इससे पहले दो बार मध्यस्थता हुई थी, लेकिन किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा नहीं जा सका।
इस बार बातचीत दो स्थानों पर हुई—एक चिड़ियाघर में और दूसरी बड़े होटल में। सूत्रों का कहना है कि अदालत इस बार मामले को लेकर अधिक गंभीर रुख अपनाएगी।
फैमिली कोर्ट से हाईकोर्ट तक का रास्ता
मामला पहले फैमिली कोर्ट से पटना हाईकोर्ट तक गया था। हाईकोर्ट ने ऐश्वर्या की रिव्यू पिटीशन खारिज कर हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और साथ ही छह महीने के भीतर मामले का निपटारा करने का निर्देश जारी किया था। हालांकि छह महीने की निर्धारित समयसीमा बीत चुकी है, लेकिन मामला अभी भी लंबित है। कानूनी जटिलताएं और निजी आरोप-प्रत्यारोप इसे और पेचीदा बना रहे हैं।
आरोप-प्रत्यारोप का खेल
ऐश्वर्या ने अपनी सास राबड़ी देवी पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था, जबकि तेज प्रताप तलाक पर अड़े हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते हैं, तो याचिका खारिज भी हो सकती है।अगर वैवाहिक संबंध से बाहर रिश्तों के आरोप सच साबित होते हैं, तो मामला नए मोड़ पर पहुंच सकता है। अदालत में हर दलील इस मामले में अहम भूमिका निभाएगी।
गुजारा भत्ता और आवास विवाद
फैमिली कोर्ट ने ऐश्वर्या को अंतरिम गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। इसके अलावा गोला रोड स्थित फ्लैट को लेकर भी विवाद जारी है। ऐश्वर्या ने एसके पुरी में सुविधायुक्त आवास और डेढ़ लाख रुपये मासिक भत्ता की मांग की है।दोनों का विवाह 12 मई 2018 को हुआ था, और केवल छह महीने बाद यानी नवंबर 2018 में तलाक की याचिका दायर कर दी गई थी।
अनुष्का एंगल से बढ़ी हलचल
मई 2025 में सोशल मीडिया पर अनुष्का के साथ तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें 12 साल के रिश्ते का दावा किया गया। तेज प्रताप ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस रिश्ते से इनकार किया। अब अनुष्का के मां बनने और बेटी ‘उज्जैनी’ के जन्म की खबर ने मामला और गर्मा दिया है। हालांकि, तेज प्रताप ने साफ किया है कि न तो रिश्ता है और न ही बेटी से उनका कोई संबंध है।
निगाहें 24 फरवरी पर
सबकी निगाहें अब 24 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं। क्या तीसरी मध्यस्थता कामयाब होगी या तलाक की राह और स्पष्ट होगी? सियासत, परिवार और अदालत के बीच फंसा यह मामला आने वाले दिनों में और भी दिलचस्प मोड़ ले सकता है।