बिहार में सरकारी जमीन पर सख्ती, अधिकारियों को निर्देश; सबसे पहले इन पर गिरेगी गाज

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : बिहार सरकार ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। अब इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं होगा और इसे हटाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।

उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस संबंध में चेतावनी जारी की। उन्होंने लिखा कि सरकारी जमीन राज्य की अमूल्य संपत्ति है और इस पर अवैध कब्जा न तो स्वीकार्य है और न ही सहनीय। उन्होंने कहा कि Supreme Court of India के निर्देशों के बाद अब सरकारी भूमि की सुरक्षा को लेकर कार्रवाई और तेज की जा रही है। अधिकारियों को साफ तौर पर कहा गया है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं चलेगी। उन्होंने इसे एनडीए सरकार का संकल्प बताते हुए ‘कानून का राज और कब्जामुक्त बिहार’ का लक्ष्य दोहराया।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया था कि प्रशासनिक चूक से राज्य के हित प्रभावित नहीं होने चाहिए। कोर्ट ने अधिकारियों को शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने अभियान को और तेज कर दिया है।

सरकार ने सभी जिलों को लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश भी दिया है। इसके तहत अंचल स्तर पर सरकारी भूमि की पहचान की जाएगी, अवैध कब्जों के खिलाफ वाद दायर किए जाएंगे और जमीन को मुक्त कराया जाएगा। पूरे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की गई है। लैंड बैंक बनने से औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बुनियादी ढांचे का विकास होगा और सार्वजनिक जरूरतों के लिए जमीन उपलब्ध कराना आसान होगा।

प्राथमिकता उन जमीनों को दी जाएगी जो कैडेस्ट्रल सर्वे में सरकारी भूमि के रूप में दर्ज हैं, जिनका विधिसम्मत बंदोबस्ती नहीं हुआ है और जो फिलहाल निजी लोगों के अवैध कब्जे में हैं। ऐसी जमीनों को कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जामुक्त कराया जाएगा।

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