NEWS PR डेस्क : जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में आवासहीनता के मामले में सवर्ण समुदाय की स्थिति एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों से भी ज्यादा खराब पाई गई है।
बिहार विधान परिषद में सोमवार को जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने बजट चर्चा के दौरान जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य में आवासहीनता सबसे अधिक सामान्य श्रेणी (सवर्ण वर्ग) में पाई गई है।
उन्होंने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि जाति सर्वेक्षण के जरिए वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति सामने आई है। नीरज कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो दल पहले इस सर्वेक्षण पर सवाल उठा रहे थे, अब उसी रिपोर्ट से सामाजिक बदलाव की तस्वीर स्पष्ट हो रही है।
एमएलसी ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि सर्वेक्षण के अनुसार सामान्य वर्ग के 0.31 प्रतिशत लोग आवासहीन हैं। इसके मुकाबले अनुसूचित जाति के 0.26 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के 0.28 प्रतिशत, ओबीसी के 0.33 प्रतिशत और पिछड़ा वर्ग के 0.16 प्रतिशत लोग आवासहीन हैं। उनके अनुसार इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सामान्य वर्ग में भी आर्थिक रूप से कमजोर तबका बड़ी संख्या में मौजूद है।
नीरज कुमार ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत अब तक 1.81 करोड़ महिलाओं के खातों में 18,100 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इससे खासकर पिछड़े वर्ग की महिलाओं को व्यापक लाभ मिला है। उन्होंने इसे सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम बताया।
चर्चा के दौरान उन्होंने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर भी निशाना साधा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दान में मिली जमीन को अपने नाम कराने जैसे मामलों पर भी सवाल उठ रहे हैं। साथ ही उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि यदि उनके आरोप गलत साबित हों तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं।