NEWS PR डेस्क: मधुबनी समाहरणालय में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में तकनीकी विभागों की समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी और कार्य एजेंसियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में भूमि उपलब्धता, भू-अर्जन और भूमि विवाद से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने निर्देश दिया कि प्रशासनिक स्वीकृति जारी करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि पूरी तरह गैर-विवादित हो। स्वीकृति के बाद कार्य में विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि संबंधी बैठकों में तकनीकी विभागों के अधिकारी अंचलाधिकारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि योजनाओं में बाधा न आए।
सड़क निर्माण और रखरखाव कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एजेंसियों को गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश दिए। यदि रखरखाव अवधि में कमी पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी से तत्काल मरम्मत सुनिश्चित कराने को कहा गया।
सभी कार्यपालक अभियंताओं को सप्ताह में कम से कम दो दिन क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं का स्थल निरीक्षण करने और वास्तविक प्रगति रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि वे जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान कर समय रहते प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन झा सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।