Y श्रेणी सुरक्षा में कटौती का दावा, पप्पू यादव ने कहा– माफियाओं को मिल रहा संरक्षण, SSP पर लगाया गंभीर आरोप

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: बिहार की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पटना के एसएसपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पप्पू यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा है कि “SSP पटना चाहते हैं कि मैं लोगों की सेवा और मदद के लिए बिहार न आऊं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।

पप्पू यादव के अनुसार, उन्हें Y श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है और BMP जवान उनकी सुरक्षा में तैनात थे, लेकिन उन जवानों को फोन कर वापस बुला लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनसे कैसी दुश्मनी है?

इतना ही नहीं, पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि “माफिया मुझसे परेशान हैं और SSP पटना उनकी राह आसान कर रहे हैं।”

पप्पू यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। समर्थकों का कहना है कि यदि किसी जनप्रतिनिधि या प्रमुख नेता की सुरक्षा में तैनात जवानों को बिना स्पष्ट कारण हटाया जाता है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।

वहीं विपक्षी दलों का तर्क है कि सुरक्षा व्यवस्था तय प्रोटोकॉल के तहत संचालित होती है और इसमें स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका सीमित होती है। उनका कहना है कि सुरक्षा आकलन के आधार पर ही तैनाती या बदलाव किए जाते हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, Y श्रेणी सुरक्षा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से संचालित होती है। सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर खतरे का आकलन करती हैं और उसी आधार पर जवानों की तैनाती या पुनर्व्यवस्था की जाती है। ऐसे में यदि किसी कारण से जवानों को वापस बुलाया गया है, तो इसके पीछे प्रशासनिक या तकनीकी वजह भी हो सकती है।

हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक पटना पुलिस या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर पहले से माहौल संवेदनशील है। हाल के दिनों में कई नेताओं ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं। ऐसे में पप्पू यादव का यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।

पप्पू यादव ने मांग की है कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कटौती न की जाए। यदि कोई बदलाव किया गया है, तो उसका स्पष्ट कारण सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुरक्षा में लापरवाही बरती गई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पटना पुलिस और राज्य सरकार इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया देती है। क्या यह महज राजनीतिक बयानबाज़ी है या सुरक्षा व्यवस्था में वाकई कोई बदलाव हुआ है — यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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