जीविका दीदियों को बड़ी राहत, आयकर में 67 करोड़ की छूट से CLF होंगी मजबूत

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना। बिहार सरकार की पहल से राज्य की जीविका दीदियों को बड़ी वित्तीय मजबूती मिली है। इस वर्ष कम्युनिटी लेवल फेडरेशन (CLF) को आयकर में 67 करोड़ रुपये से अधिक की छूट प्राप्त हुई है। यह राशि सीधे तौर पर रोजगार सृजन, पूंजी विस्तार और स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने में इस्तेमाल की जाएगी।

राज्य के प्रत्येक प्रखंड में तीन-तीन CLF गठित हैं। फिलहाल बिहार में कुल 1684 क्लस्टर स्तरीय संघ सक्रिय हैं। 67 करोड़ रुपये की कर छूट से प्रत्येक CLF को औसतन करीब 5.45 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी। इस तरह हर प्रखंड को लगभग 16 लाख रुपये की अतिरिक्त वित्तीय ताकत प्राप्त होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर महिला समूहों को ऋण वितरण और उद्यम विस्तार में सहूलियत होगी।

जानकारी के अनुसार, राज्य में 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनसे लगभग 1.40 करोड़ परिवार जुड़े हैं। शहरी क्षेत्रों में भी 41 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इसके अलावा 73 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 1684 क्लस्टर स्तरीय संघ कार्य कर रहे हैं। इनसे जुड़े परिवारों को इस अतिरिक्त संसाधन का सीधा लाभ मिलेगा।

CLF का पंजीकरण सहकारिता अधिनियम के तहत कराया जा रहा है। एक हजार से अधिक CLF का पंजीकरण पूरा हो चुका है। इन्हें आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80पी के अंतर्गत कर में छूट मिली है। समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करने और लेखा-जोखा सुव्यवस्थित रखने के कारण यह लाभ संभव हो पाया।

इस अतिरिक्त राशि से CLF अपनी कार्यशील पूंजी को मजबूत करेंगी। महिला स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण उपलब्ध होगा और दुग्ध उत्पादन, सब्जी खेती, खाद्य प्रसंस्करण तथा हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों का विस्तार किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और जीविका दीदियों की आय तथा आत्मनिर्भरता में वृद्धि होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण स्तर पर छोटे उद्यमों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

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