NEWS PR डेस्क: किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से स्थानीय कृषि विभाग के तत्वावधान में ‘कृषि यांत्रिकीकरण मेला 2025-26’ का भव्य आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन संयुक्त निदेशक (दरभंगा प्रमंडल) संजय नाथ तिवारी, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ, कृषि अभियंत्रण की उप-निदेशक डॉ. आकांक्षा सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में अत्याधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई, जहां किसानों को नई तकनीकों और मशीनों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि यांत्रिकीकरण से खेती की लागत घटेगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी।
मेले का मुख्य आकर्षण बहादुरपुर प्रखंड के प्रगतिशील किसान हरिदेव दास को ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ की स्थापना के लिए 4 लाख रुपये का अनुदान चेक और सांकेतिक चाबी प्रदान किया जाना रहा। इससे क्षेत्र के अन्य किसानों को भी किराये पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकेंगे।
जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों के बीच रीपर-कम-बाइंडर, थ्रेशर समेत अन्य आधुनिक मशीनों के कुल 300 परमिट वितरित किए गए। उल्लेखनीय है कि इन लाभार्थियों का चयन 23 फरवरी को बिहार सरकार के कृषि मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीकृत लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया गया था।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आत्मा योजना के तहत जिले में हासिल उपलब्धियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि आत्मा के माध्यम से किसानों को उन्नत प्रशिक्षण और प्रत्यक्षण देकर उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है। सहायक निदेशक (रसायन) एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर ने मिट्टी जांच की महत्ता पर जोर देते हुए किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी। साथ ही प्राकृतिक खेती के दीर्घकालिक लाभों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
मेले में बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों ने विभाग की योजनाओं और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की सराहना की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य आधुनिक कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक पद्धतियों के जरिए खेती को सरल बनाना तथा किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना बताया गया।