21 साल CM रहने के बाद भी ‘गरीब मुख्यमंत्री’ रहे नीतीश कुमार; महज 20 हजार नगद, एक गाय… ईमानदारी ही रही सबसे बड़ी पूंजी

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: बिहार की राजनीति में दो दशक से अधिक समय तक सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार एक बार फिर चर्चा में हैं। गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही उनके लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। लेकिन इस राजनीतिक घटनाक्रम से ज्यादा चर्चा उनके द्वारा घोषित संपत्ति को लेकर हो रही है, जिसने उन्हें भारतीय राजनीति में एक ‘सादगीपूर्ण’ नेता की पहचान दी है।

ईमानदारी और सादगी की छवि

करीब 21 वर्षों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार इससे पहले केंद्र सरकार में मंत्री, सांसद और विधायक भी रह चुके हैं। इसके बावजूद उनकी निजी संपत्ति का ताजा ब्योरा यह बताता है कि इतने लंबे और प्रभावशाली राजनीतिक करियर के बाद भी उनकी संपत्ति में कोई असाधारण बढ़ोतरी नहीं हुई है। आज जब कई जनप्रतिनिधियों की संपत्ति करोड़ों में होती है, तब बिहार के मुख्यमंत्री के पास नगद राशि के रूप में महज 20,552 रुपये होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

कुल संपत्ति करीब 1.65 करोड़

नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे के अनुसार नीतीश कुमार की कुल संपत्ति करीब 1.65 करोड़ रुपये है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा उनकी दिल्ली स्थित संपत्ति का है।

दिल्ली में फ्लैट, बिहार में नहीं निजी घर

उनकी अचल संपत्ति में दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित करीब 1000 वर्ग फीट का फ्लैट शामिल है। यह फ्लैट उन्होंने वर्ष 2004 में लगभग 13.78 लाख रुपये में खरीदा था, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 1.48 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि बिहार की राजनीति में इतने लंबे समय तक शीर्ष पद पर रहने के बावजूद उनके नाम पर राज्य में कोई निजी मकान या जमीन नहीं है।

चल संपत्ति और अन्य विवरण

हलफनामे के अनुसार उनकी कुल चल संपत्ति करीब 17.91 लाख रुपये है। इसके अलावा उनके पास 2015 मॉडल की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार है, जिसका वे अब भी उपयोग करते हैं। पशुधन के रूप में उनके आवास पर एक गाय भी है।

आभूषण के तौर पर उनके पास केवल 20 ग्राम सोने की दो अंगूठियां और एक मोती जड़ी चांदी की अंगूठी है।

साधारण जीवनशैली

दाखिल हलफनामे में यह भी उल्लेख है कि उनके पास जिम से जुड़ा कुछ सामान जैसे ट्रेडमिल और एक्सरसाइज साइकिल हैं। इसके अलावा उनके पास एक चरखा भी है। बैंक खातों में भी कोई बड़ी राशि जमा नहीं बताई गई है।

समर्थकों के लिए सादगी की पहचान

समर्थकों का कहना है कि यह आंकड़े दिखाते हैं कि नीतीश कुमार ने सत्ता को कभी व्यक्तिगत संपत्ति बढ़ाने का माध्यम नहीं बनाया। यही वजह है कि लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद भी उनकी छवि एक सादगीपूर्ण और साफ-सुथरे नेता की बनी रही। अब जब वे दिल्ली की राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, तो उनकी यही छवि उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी मानी जा रही है।

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