NEWS PR डेस्क : पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले सालिमपुर थाना से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। दरअसल, थाना परिसर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि जिस समय इसे बनाया गया, उस वक्त थाने में ड्यूटी पर तैनात ओडी अधिकारी सहित कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात कुछ लोग अपने हाइवा (भारी वाहन) को जब्त किए जाने के मामले में जानकारी लेने सालिमपुर थाना पहुंचे थे। उनका कहना था कि पुलिस ने उनके वाहन को पकड़ लिया है, इसलिए वे इस संबंध में बात करने और जानकारी प्राप्त करने थाने आए थे। लेकिन जब वे लोग थाना परिसर में पहुंचे तो वहां उन्हें कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी नजर नहीं आया।
बताया जाता है कि इसी दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वायरल हो रहे वीडियो में वह व्यक्ति थाना परिसर के अलग-अलग हिस्सों में घूमकर पुलिसकर्मियों को खोजने की कोशिश करता दिखाई देता है। वह कई कमरों में जाकर आवाज भी लगाता है, लेकिन उसे कोई भी पुलिसकर्मी दिखाई नहीं देता। वीडियो में वह यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि थाने में उस समय कोई भी ड्यूटी पर मौजूद नहीं है।
वीडियो बनाने के बाद उस व्यक्ति ने इसे ग्रामीण एसपी को भेज दिया और फोन कर पूरे मामले की जानकारी भी दी। शिकायत मिलने के बाद ग्रामीण एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और बाढ़ के एसडीपीओ को जांच करने का निर्देश दिया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जिस समय वीडियो बनाया गया, उस समय वास्तव में थाने में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद थे या नहीं। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि उस रात थाने में किन-किन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी थी और वे उस समय कहां थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यदि जांच में यह साबित होता है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी थाना से अनुपस्थित थे, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यह भी संभावना जताई जा रही है कि किसी जरूरी काम से पुलिसकर्मी कुछ समय के लिए थाना परिसर से बाहर गए हों।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि अगर ड्यूटी के समय सच में थाना खाली मिला है तो यह सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर विषय है। कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है, ऐसे में थाने में किसी का मौजूद न होना कई सवाल खड़े करता है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जब तक आधिकारिक पुष्टि न हो, तब तक किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें।
फिलहाल सबकी नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे कितने सही हैं और अगर ड्यूटी में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।