NEWS PR डेस्क: गया जी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड स्थित मायापुर गांव में एक अजीबो-गरीब और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री के संबोधन के समाप्त होते ही कार्यक्रम स्थल के आसपास मौजूद खेतों में अचानक लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और देखते ही देखते चने की फसल तोड़ी जाने लगी।
मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान विभिन्न विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए थे। लेकिन जैसे ही उनका संबोधन खत्म हुआ और काफिला रवाना हुआ, माहौल अचानक बदल गया। सैकड़ों लोग पास के खेतों की ओर बढ़े और चना तोड़ने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में बड़ी संख्या में लोग खेत में घुस गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौजूद पुलिसकर्मी भीड़ को रोकने में असफल नजर आए। इतना ही नहीं, कुछ पुलिसकर्मी खुद भी चना खाते हुए कैमरे में कैद हो गए। मीडिया कैमरा देखते ही उन्होंने चना फेंक दिया, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
इस पूरी घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी खेत में घुसकर चना तोड़ते और खाते नजर आ रहे हैं।
इस घटना से स्थानीय किसान को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि खेत मालिक की इसमें सहमति थी या नहीं। प्रशासनिक दृष्टि से यह मामला कई सवाल खड़े करता है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री विकास योजनाओं का संदेश देने पहुंचे थे, वहीं दूसरी ओर इस तरह की अव्यवस्था ने भीड़ नियंत्रण और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खासकर पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अगर जांच होती है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना के पीछे क्या कारण थे और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
यह घटना एक बार फिर बड़े सरकारी आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और स्थानीय संसाधनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।