ललन सिंह के घर पहुंचे निशांत, 15 मिनट की गुप्त बैठक से बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : बिहार की राजधानी पटना में ईद के मौके पर एक तरफ जहां खुशियों और भाईचारे का माहौल था, वहीं दूसरी ओर सियासी गलियारों में हलचल भी तेज हो गई। इस बार ईद की नमाज के दौरान एक अहम बदलाव देखने को मिला—करीब 20 साल में पहली बार मुख्यमंत्री Nitish Kumar गांधी मैदान में नजर नहीं आए। उनकी जगह उनके बेटे Nishant Kumar ने वहां पहुंचकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

अब तक राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार की यह मौजूदगी खास मानी जा रही है। हाल के दिनों में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ी है। जेडीयू से जुड़ने के बाद वे कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ चुके हैं, जिसे राजनीतिक तौर पर उनकी तैयारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

ईद की नमाज के तुरंत बाद उनका अगला कदम और ज्यादा चर्चा में आ गया। निशांत सीधे गांधी मैदान से जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री Lalan Singh के आवास पहुंच गए। वहां दोनों के बीच करीब 15 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मुलाकात ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी।

हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे एक शिष्टाचार मुलाकात बताया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार बातचीत में पार्टी की स्थिति, आने वाले चुनाव और संगठन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अचानक और निजी तौर पर हुई इस बैठक ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।

जानकार मानते हैं कि निशांत कुमार का इस तरह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलना इस बात का संकेत है कि उन्हें धीरे-धीरे सक्रिय राजनीति में उतारने की तैयारी हो रही है। जेडीयू को जहां नए चेहरे और ऊर्जा की जरूरत है, वहां निशांत की बढ़ती भागीदारी अहम मानी जा रही है।

वहीं, Nitish Kumar का ईद जैसे बड़े मौके पर गांधी मैदान में न पहुंचना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। भले ही इसकी वजह स्वास्थ्य या व्यस्तता बताई जा रही हो, लेकिन इसे राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, गांधी मैदान से शुरू होकर ललन सिंह के घर तक पहुंची यह घटनाक्रम सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में संभावित बदलाव की आहट मानी जा रही है। आने वाले समय में निशांत कुमार की भूमिका क्या होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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