पटना में ‘किसान संगठनों के सशक्तिकरण’ पर राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन, PACS को वन-स्टॉप संस्थान बनाने पर सहमति

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 21 मार्च। नीति आयोग के राज्य समर्थन मिशन के तहत ‘पूर्वी भारत में किसान संगठनों का सशक्तिकरण’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुक्रवार को पटना में सफल समापन हो गया। इस कार्यशाला का आयोजन नीति आयोग, बिहार सरकार के सहकारिता विभाग एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यशाला में बिहार समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए पैक्स (PACS) अध्यक्षों, अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान सहकारिता क्षेत्र में सुधार, मूल्य संवर्धन, व्यवसायिक विविधीकरण और आधुनिक प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यशाला का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि पैक्स को ‘वन-स्टॉप संस्थान’ के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे किसानों को एक ही जगह पर विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करा सकें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए नीति आयोग के सदस्य (कृषि) प्रो. रमेश चंद ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को सरकारी सहयोग के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी काम करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बाजार उन्मुख सोच और गुणवत्ता आधारित प्रबंधन अपनाकर सहकारिता संस्थाएं ग्रामीण आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।

तकनीकी सत्रों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर और उड़ीसा सहित कई राज्यों के सफल सहकारी मॉडलों की प्रस्तुति दी गई। इन प्रस्तुतियों में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, पेशेवर प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव के जरिए सहकारिता के क्षेत्र में आए बदलावों को रेखांकित किया गया।

छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने धान अधिप्राप्ति के अपने अनुभव साझा किए, वहीं सिक्किम के प्रतिनिधि ने पर्यटन क्षेत्र में पैक्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। झारखंड के LAMPS मॉडल और बिहार में गेहूं एवं धान अधिप्राप्ति की स्थानिक विश्लेषण आधारित प्रणाली को भी सराहा गया।

कार्यशाला में डिजिटल सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन पर विशेष जोर दिया गया। ‘डिजिटलीकरण से आय सृजन’ विषय पर चर्चा करते हुए ईआरपी सिस्टम, ई-नाम एकीकरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से पैक्स की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए गए।

समापन अवसर पर नीति आयोग की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. बबिता सिंह ने कार्यशाला के प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए। वहीं, बिहार के निबंधक, सहकारी समितियां रजनीश कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों के अनुभवों से सीख लेकर सहकारिता क्षेत्र को और मजबूत किया जा सकता है।

Share This Article