NEWS PR डेस्क: बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की चर्चाओं के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके बाद बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी? इसी सियासी हलचल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान ने बिहार की राजनीति में नया सस्पेंस पैदा कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद 30 मार्च को नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पद छोड़ने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। ऐसे में बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर जेडीयू और बीजेपी दोनों खेमों में हलचल बढ़ गई है।
राजनीतिक गलियारों में इस वक्त कई नाम चर्चा में हैं। जेडीयू की ओर से कुछ नेता निशांत कुमार को आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी खेमे में सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, विजय कुमार सिन्हा और शाहनवाज हुसैन जैसे नामों की चर्चा जोरों पर है। इन तमाम अटकलों के बीच अमित शाह का बयान काफी अहम माना जा रहा है।
अमित शाह ने क्या कहा?
एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में जब अमित शाह से सीधा सवाल किया गया कि “क्या इस बार बिहार का मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा?”, तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब देते हुए कहा—“आपने रॉन्ग नंबर डायल कर दिया है।”
अमित शाह ने साफ संकेत दिया कि वह इस सवाल का सीधा जवाब देने के मूड में नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम का फैसला गठबंधन की बैठक में सर्वसम्मति से होगा।
फैसला गठबंधन की बैठक में
अमित शाह ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण फैसले एनडीए गठबंधन के सहयोगी दल मिलकर लेते हैं। उन्होंने बताया कि बीजेपी में इस तरह के फैसले संसदीय बोर्ड के स्तर पर होते हैं और सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लिया जाता है।
उनके इस बयान को बिहार की राजनीति में बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बीजेपी और जेडीयू दोनों ही फिलहाल अपने-अपने विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और सही समय पर रणनीतिक फैसला लिया जाएगा।
क्या बिहार में नेतृत्व परिवर्तन तय है?
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें और तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सीएम और डिप्टी सीएम पद को लेकर गठबंधन के भीतर अहम बैठकों का दौर शुरू हो सकता है।
हालांकि, अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। अमित शाह के बयान ने यह साफ कर दिया है कि फिलहाल फैसला पूरी तरह खुला हुआ है और अंतिम घोषणा गठबंधन की आपसी सहमति के बाद ही होगी।
अब सबकी नजरें अगले फैसले पर
बिहार की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। एक ओर नीतीश कुमार के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं, तो दूसरी ओर नए मुख्यमंत्री की तलाश ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
फिलहाल इतना तय है कि बिहार में सत्ता के अगले चेहरे को लेकर खेल अभी बाकी है। आने वाले दिनों में एनडीए की बैठक और उससे निकलने वाला फैसला ही राज्य की राजनीति की नई दिशा तय करेगा।