NEWS PR डेस्क: पटना, 2 अप्रैल। बिहार के निबंधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निर्धारित लक्ष्य को पार कर लिया है। विभाग ने 8,250 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 8,403.46 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जो लक्ष्य का 101.86 प्रतिशत है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 754.58 करोड़ रुपये यानी 9.86 प्रतिशत अधिक है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024–25 में 7,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 7,648.88 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था। इस वर्ष भी विभाग ने बेहतर प्रदर्शन जारी रखते हुए लगातार दूसरे साल लक्ष्य से अधिक राजस्व अर्जित किया है।
राज्य में सर्वाधिक राजस्व संग्रह करने वाले जिलों में पटना पहले स्थान पर रहा। यहां 1,28,367 दस्तावेजों के निबंधन से 1,506.15 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य का 110.63 प्रतिशत है। इसके बाद अरवल (108.46%), औरंगाबाद (107.38%), बांका (106.28%) और शिवहर (103.32%) का स्थान रहा।
वहीं, निबंधन कार्यालयों की बात करें तो दानापुर कार्यालय ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जहां 190.68 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 255.72 करोड़ रुपये (134.11%) का राजस्व संग्रह हुआ। रजौली, पटना सिटी, विक्रम और डेहरी ऑन सोन कार्यालयों ने भी लक्ष्य से अधिक राजस्व प्राप्त कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
हालांकि, कुछ जिलों में अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन भी सामने आया है। इनमें मुजफ्फरपुर (87.78%), मधुबनी (87.49%), समस्तीपुर (86.53%), बेतिया (85.53%) और मधेपुरा (81.52%) शामिल हैं।
प्रमंडलवार आंकड़ों में पटना प्रमंडल सबसे आगे रहा, जहां 2,303.84 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ, जो लक्ष्य का 105.93 प्रतिशत है। इसके बाद भागलपुर और मगध प्रमंडल ने भी लक्ष्य से अधिक संग्रह किया। वहीं तिरहुत, दरभंगा और कोशी प्रमंडल अपेक्षाकृत पीछे रहे।
वित्तीय वर्ष 2025–26 में कुल 15,93,526 दस्तावेजों का निबंधन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत कम है। हालांकि प्रति दस्तावेज औसत आय 49,699 रुपये रही, जो पिछले वर्ष के 43,670 रुपये से 13.80 प्रतिशत अधिक है। इससे स्पष्ट है कि कम दस्तावेजों के बावजूद राजस्व में वृद्धि हुई है।
विभागीय सचिव अजय यादव ने इस उपलब्धि का श्रेय मंत्री, मुख्यालय के अधिकारियों और जिला स्तर के पदाधिकारियों के समन्वित प्रयास को दिया। उन्होंने बताया कि जनवरी से मार्च तक रविवार और अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खुले रखने, ई-स्टाम्प की निर्बाध बिक्री और मुख्यालय स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना जैसे कदमों से यह सफलता संभव हो पाई।
वित्तीय वर्ष के अंतिम कार्यदिवस पर 14,905 दस्तावेजों का निबंधन कर 107.74 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया गया, जो एक दिन में अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियों में से एक है।