NEWS PR डेस्क: पटना, 04 अप्रैल। बिहार के मोकामा स्थित लदमा गांव में शुक्रवार को कुश्ती प्रेमियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जब जेडीयू विधायक अनंत सिंह के पैतृक गांव में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस भव्य दंगल में देश के कई राज्यों के साथ-साथ ईरान के पहलवानों ने भी हिस्सा लिया, लेकिन अंत में भारतीय पहलवानों ने अपना दबदबा कायम रखा।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और बिहार से आए पहलवानों ने एक से बढ़कर एक मुकाबले पेश किए। सबसे रोमांचक मुकाबला महाराष्ट्र के शिवा पहलवान और ईरान के हामिद के बीच देखने को मिला, जिसमें शिवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हामिद को पराजित कर दिया।
वहीं, ईरान के एक अन्य पहलवान जलाल को भी हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली के जोंटी गुर्जर ने उन्हें हराकर विजेता कप अपने नाम किया। जीत के बाद जोंटी ने आयोजन और बिहार के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के दर्शकों का उत्साह और समर्थन यादगार रहा।
यह महादंगल बिहार केसरी रहे विवेकानंद सिंह उर्फ विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था। विवेका पहलवान, जो कभी इलाके के चर्चित नाम रहे, लदमा गांव के निवासी और अनंत सिंह के रिश्तेदार भी थे।
आयोजन को भव्य बनाने के लिए खास तैयारियां की गई थीं। करीब 10 बीघा जमीन को समतल कर पारंपरिक तकनीक से अखाड़ा तैयार किया गया। इसमें विशेष लाल मिट्टी, हल्दी, राई का तेल और नीम की पत्तियों का उपयोग किया गया, ताकि पहलवानों को चोट से बचाया जा सके और कुश्ती के पारंपरिक दांव-पेंच बेहतर तरीके से हो सकें।
दंगल के दौरान अनंत सिंह खुद अखाड़े के आसपास मौजूद रहे और आयोजन की कमान संभाले दिखे। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में यह आयोजन न सिर्फ खेल का मंच बना, बल्कि पारंपरिक भारतीय कुश्ती की विरासत को जीवित रखने का भी संदेश देता नजर आया।