NEWS PR डेस्क:पटना/मुंगेर, 5 अप्रैल। बिहार में भूमि सुधार अभियान को लेकर सरकार ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मुंगेर में आयोजित भूमि सुधार जन–कल्याण संवाद के दौरान साफ शब्दों में कहा कि राज्य में भूमि सुधार का अभियान हर हाल में जारी रहेगा और भूमि माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुंगेर प्रेक्षा गृह में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम लोगों की मौजूदगी के बीच उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद केवल व्यक्तिगत मामला नहीं होता, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। एक विवाद दो परिवारों, गांवों और पीढ़ियों के बीच तनाव का कारण बनता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह तय किया है कि भूमि विवादों का समाधान सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भूमि सुधार जन–कल्याण संवाद कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके जरिए सरकार सीधे जनता से संवाद कर रही है। अब तक आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों में 15 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड कर नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे शिकायतों के निष्पादन में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हो रही है।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी जमीन या गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अंचल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है।
प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को सम्मान मिलेगा, जबकि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
अपने संबोधन में उन्होंने हाल के कुछ विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि अंचल अधिकारी से जुड़े एक मामले में उनके निजी सचिव के बारे में गलतफहमी फैलाने की कोशिश की गई, जबकि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी। उन्होंने कहा कि अफवाहों और मनगढ़ंत कहानियों के आधार पर सरकार निर्णय नहीं लेती, बल्कि हर फैसला नियम और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाता है।
उन्होंने हड़ताल और तालाबंदी जैसी प्रवृत्तियों को अराजकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि इससे आम जनता का काम प्रभावित होता है। बिहार अब उस दौर से आगे बढ़ चुका है, जहां अव्यवस्था के कारण विकास कार्य बाधित होते थे। सरकार का लक्ष्य अब पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन स्थापित करना है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से भूमि विवादों के कारण लोगों की आंखों में जो आंसू रहे हैं, उन्हें खत्म करने का समय आ गया है। सरकार चाहती है कि गांवों में शांति और सामाजिक सौहार्द कायम हो, जिससे विकास की गति और तेज हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर या किसी के बहकावे में आकर सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है या सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि बिहार को भूमि विवाद और अराजकता से मुक्त कर एक समृद्ध, स्वाभिमानी और विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में सहयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और शांतिपूर्ण बिहार मिल सके।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने उद्घाटन भाषण देते हुए इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण बताया। प्रभारी जिलाधिकारी मनोज कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस दौरान प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, एसपी सैयद इमरान मसूद, विशेष कार्य पदाधिकारी चंद्रिमा अत्री, निदेशक कमलेश कुमार सिंह, अपर सचिव महेंद्र पाल, आजीव वत्सराज, उप निदेशक मोना झा, सिम्मी प्रसाद, मणि भूषण किशोर, सुधा रानी, सोनी कुमारी, नवाजिश अख्तर, सुनील कुमार, संजय कुमार सिंह, सुधांशु शेखर, सुमित कुमार आनंद, अमरेंद्र कुमार, जूही कुमारी, आनंद शंकर समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।