सुधा बिक्री केंद्रों की तर्ज पर खुलेंगे फ्रेश कैच फिश आउटलेट, यहां मिलेंगी जिंदा मछलियां

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 10 अप्रैल: बिहार में मत्स्य पालन को नई ऊंचाई देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री Surendra Mehta ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में उत्पादित मछलियों का बड़े पैमाने पर निर्यात करने की योजना पर काम तेजी से चल रहा है, ताकि मछली पालक किसानों को बेहतर कीमत मिल सके।

उन्होंने कहा कि बिहार की मछलियों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रही है और कई प्रजातियां विदेशों में 1500 से 1600 रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं। ऐसे में सरकार का लक्ष्य है कि इस मांग का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे।

सुधा मॉडल पर खुलेंगे ‘फ्रेश कैच फिश आउटलेट’

मंत्री ने जानकारी दी कि इसी माह के अंत तक पटना समेत कई नगर निगम क्षेत्रों में ‘सुधा’ बिक्री केंद्रों की तर्ज पर फ्रेश कैच फिश आउटलेट शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों पर उपभोक्ताओं को जिंदा और ताजी मछलियां उपलब्ध होंगी। इससे एक ओर जहां उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर मछली पालकों को स्थायी बाजार मिलेगा।

उत्पादन में तेजी, देश में चौथे स्थान पर बिहार

राज्य में मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में बिहार करीब 9 लाख टन मछली उत्पादन के साथ देश में चौथे स्थान पर पहुंच चुका है, जबकि एक दशक पहले राज्य नौवें स्थान पर था। यह बदलाव सरकार की योजनाओं और किसानों की भागीदारी का परिणाम माना जा रहा है।

डेयरी और पशुपालन को भी मिल रहा बढ़ावा

इस मौके पर विभाग के सचिव Sirishat Kapil Ashok (शीर्षत कपिल अशोक) ने बताया कि राज्य दूध और मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है। ‘सुधा’ ब्रांड के उत्पादों का निर्यात भी शुरू हो चुका है, जिसे और विस्तार देने की योजना है।

उन्होंने कहा कि हर गांव में डेयरी कॉपरेटिव सोसाइटी और पंचायत स्तर पर सुधा बिक्री केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पशु नस्ल सुधार, संतुलित आहार, टीकाकरण और प्रोटीनयुक्त चारा उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

रोजगार के नए अवसर

सरकार की इन योजनाओं से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विशेष रूप से जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को सुधा बिक्री केंद्रों के संचालन में प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम के जरिए पूरी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

समग्र विकास की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि मछली निर्यात, डेयरी विस्तार और पशुपालन को बढ़ावा देने की ये पहल बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

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