NEWS PR डेस्क: पटना, 14 अप्रैल। राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पटना मेट्रो परियोजना के तहत तैयार हो रहा अत्याधुनिक डिपो अब तेजी से आकार ले रहा है, जिसे पूरे मेट्रो नेटवर्क का ‘कमांड सेंटर’ माना जा रहा है।
करीब 32.77 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह डिपो सिर्फ ट्रेनों के खड़े होने का स्थान नहीं, बल्कि मेट्रो संचालन का मुख्य नियंत्रण केंद्र होगा। यहां से पूरे शहर में चल रही मेट्रो ट्रेनों की गतिविधियों पर रियल-टाइम निगरानी रखी जाएगी।
मेट्रो नेटवर्क का ‘ब्रेन’ होगा यह सेंटर
डिपो में स्थापित अत्याधुनिक कंट्रोल रूम में बड़ी स्क्रीन और सेंसर आधारित सिस्टम के जरिए हर ट्रेन की लोकेशन, स्पीड और संचालन की जानकारी मिलेगी। किसी भी आपात स्थिति में यहीं से तुरंत निर्देश जारी किए जा सकेंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
टेस्ट ट्रैक पर होगी हर ट्रेन की परीक्षा
मेट्रो की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिपो परिसर में 739 मीटर लंबा टेस्ट ट्रैक बनाया गया है। यात्री सेवा शुरू होने से पहले हर ट्रेन को इस ट्रैक पर जांच से गुजरना होगा, ताकि उसकी तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की पुष्टि की जा सके।
विश्वस्तरीय मेंटेनेंस और वर्कशॉप
डिपो में आधुनिक वर्कशॉप भी तैयार की गई है, जहां मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव के लिए उन्नत मशीनों का इस्तेमाल होगा। यहां ट्रेनों के छोटे से छोटे पुर्जे से लेकर जटिल सिस्टम तक की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके अलावा 8 स्टेबलिंग लाइनें बनाई गई हैं, जहां ट्रेनों को संचालन के बाद रखा जाएगा।
ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग सिस्टम से बढ़ेगी स्वच्छता
यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए डिपो में ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट लगाया गया है। सेंसर आधारित इस प्रणाली के जरिए ट्रेनें कुछ ही मिनटों में पूरी तरह साफ होकर तैयार हो जाएंगी। साथ ही गहन सफाई के लिए अलग से हाई-टेक क्लीनिंग सिस्टम भी मौजूद रहेगा।
आधुनिक पटना की ओर बड़ा कदम
पटना मेट्रो का यह डिपो सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की झलक है। यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को तेज और सुगम बनाएगी, बल्कि राजधानी को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।