नई सरकार पर विपक्ष का वार तेज, तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट पर साधा निशाना,मांगा विकास का रोडमैप

Tejashwi Yadav targeted CM Samrat

Neha Nanhe

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी टीम के साथ सक्रिय मोड में नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा राजनीतिक वार किया है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “इलेक्टेड मुख्यमंत्री को हटाकर सिलेक्टेड मुख्यमंत्री बनाया गया है।” हालांकि उन्होंने औपचारिक रूप से सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई भी दी, लेकिन साथ ही सरकार को काम के जरिए नतीजे दिखाने की चुनौती भी दी।
मुख्यमंत्री के हालिया बयान पर भी सवाल
तेजस्वी ने आगे कहा कि अब समय है जब सरकार को अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करना होगा। उन्होंने बिजली दरों में संभावित बदलाव, महिलाओं से जुड़े फैसलों और विकास के ठोस रोडमैप पर सरकार से जवाब मांगा। उनका कहना था कि जनता को केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीनी परिणाम चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के महत्वपूर्ण फैसले कहीं न कहीं प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के प्रभाव में लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो बातें पहले विपक्ष कहता था, अब वही घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने शराबबंदी कानून को लेकर मुख्यमंत्री के हालिया बयान पर भी सवाल उठाए।
केंद्र और राज्य सरकार की नीयत पर सवाल
इतना ही नहीं तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा, कहानी सुनाने की जरूरत नहीं है, काम करके दिखाइए। उन्होंने बिहार की आर्थिक स्थिति और विकास की दिशा पर भी सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट रोडमैप की मांग की। उन्होंने पूछा कि बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य कब और कैसे पूरा किया जाएगा। महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को आरक्षण देने की बजाय संविधान में बदलाव पर अधिक केंद्रित दिखाई दे रही है।
ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति क्या है
तेजस्वी ने कहा कि पहले से पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए और साथ ही ओबीसी वर्ग को भी उसका उचित आरक्षण लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति क्या है, क्योंकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। बता दें कि तेजस्वी यादव के इस तीखे बयान के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के आसार हैं, जिससे आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ सकता है।

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