NEWS PR डेस्क: पटना, 01 मई। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रशासन ने पटना जिले में करीब 2.99 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। इन कार्डधारकों को अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाला सस्ता अनाज और अन्य लाभ नहीं मिल पाएंगे।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से संदिग्ध राशन कार्डों की पहचान के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया गया था। इस प्रक्रिया में ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया, जो नियमों के विरुद्ध सरकारी राशन का लाभ ले रहे थे। जांच में सामने आया कि कई लाभार्थी आयकरदाता हैं, सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं या उनके पास चारपहिया वाहन जैसी संपत्तियां हैं, जो उन्हें इस योजना के लिए अयोग्य बनाती हैं।
प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक सूची में 3.16 लाख संदिग्ध राशन कार्ड शामिल थे। अनुमंडल स्तर पर सत्यापन के बाद 2.99 लाख कार्डों को निरस्त कर दिया गया। फिलहाल 16,377 राशन कार्डों की जांच अभी जारी है।
जिले के विभिन्न अनुमंडलों में की गई जांच में सबसे अधिक संदिग्ध कार्ड पटना सदर क्षेत्र में पाए गए, जहां बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थियों की पहचान हुई। सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि कई कार्डधारक अब जिले में निवास नहीं कर रहे हैं या उनका पता सत्यापित नहीं हो सका।
आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक कार्रवाई पटना सदर अनुमंडल में हुई, जहां 1,14,236 राशन कार्ड रद्द किए गए। इसके अलावा बाढ़ में 56,248, दानापुर में 62,104, मसौढ़ी में 22,559, पालीगंज में 30,078 और पटना सिटी में 14,721 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि केवल पात्र लोगों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे अपने राशन कार्ड की स्थिति समय-समय पर जांचते रहें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में संबंधित विभाग से संपर्क करें।