NEWS PR डेस्क: पटना/मुजफ्फरपुर, 01 मई। बिहार में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर मुजफ्फरपुर–बरौनी फोरलेन परियोजना आगे बढ़ गई है। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेज दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना की डीपीआर में कई बार संशोधन किए गए, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। खास बात यह है कि अब इस योजना में रामदयालु रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को भी शामिल कर लिया गया है, जिससे यातायात व्यवस्था और सुगम होने की उम्मीद है। मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें करीब दो महीने का समय लग सकता है।
करीब ₹3000 करोड़ की लागत से बनने वाली यह फोरलेन सड़क लगभग 100 किलोमीटर लंबी होगी, जो मुजफ्फरपुर के चांदनी चौक से शुरू होकर बरौनी तक जाएगी। इसके निर्माण से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, पूर्णिया और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
फिलहाल मुजफ्फरपुर से पूर्णिया जाने के लिए दरभंगा फोरलेन का रास्ता लेना पड़ता है, जिससे दूरी करीब 300 किलोमीटर हो जाती है। लेकिन इस नई सड़क के बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 250 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। परियोजना के तहत ताजपुर कोल्ड स्टोरेज, मुसरीघरारी और दलसिंहसराय चौक पर एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे। इसके अलावा 20 से अधिक छोटे-बड़े पुल-पुलियों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
इस फोरलेन के बनने से मुजफ्फरपुर जिले के कई प्रखंडों को सीधा लाभ मिलेगा। न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रशासन और एनएचएआई को उम्मीद है कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देगी।