संदेशखलि आंदोलन का चेहरा रेखा पात्रा बनीं विधायक, हिंगलगंज से दर्ज की जीत

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां संदेशखलि विरोध प्रदर्शन से उभरीं रेखा पात्रा ने हिंगलगंज विधानसभा सीट से जीत हासिल कर सबका ध्यान खींचा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार आनंद सरकार को 5,421 वोटों के अंतर से हराया।

रेखा पात्रा को कुल 1,00,207 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी आनंद सरकार को 94,786 वोटों पर संतोष करना पड़ा। उनकी जीत को राज्य में महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ उठी आवाज की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

पात्रा पहली बार तब सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने संदेशखलि में कथित उत्पीड़न के खिलाफ अपनी बच्ची को गोद में लेकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। वह खुद को तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों द्वारा प्रताड़ित बताए जाने के बाद आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन गई थीं। इस मुद्दे को भाजपा ने भी प्रमुखता से उठाया और पात्रा को महिलाओं के अधिकारों की आवाज के रूप में सामने रखा।

हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बसीरहाट सीट से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन भाजपा ने उन पर भरोसा बनाए रखा और 2026 के विधानसभा चुनाव में हिंगलगंज से टिकट दिया। इस बार उन्होंने जीत दर्ज कर पार्टी के विश्वास को सही साबित किया।

वहीं, पूरे राज्य के चुनावी नतीजों ने भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। यह परिणाम पिछले चुनाव से बिल्कुल उलट है, जब तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल के ये नतीजे राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में झटका झेलने के बाद भाजपा के लिए यह जीत एक बड़ी वापसी मानी जा रही है।

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