विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन अलर्ट, गंगा घाटों से शुरू हुई नाव सेवा

लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन अलर्ट, घाटों पर नाव सेवा शुरू

Rashmi Tiwari

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर और आसपास के इलाकों में लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले इस महत्वपूर्ण पुल के पिलर संख्या 133 के पास का स्लैब हाल ही में टूटकर गंगा नदी में गिर गया था, जिसके बाद पुल पर आवागमन प्रभावित हो गया। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम लोगों की सुविधा के लिए कई गंगा घाटों से बड़े और छोटे नावों का परिचालन शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से सरकारी नाव सेवा पूरी तरह निशुल्क रखी गई है, जबकि निजी नावों के लिए किराया निर्धारित किया गया है ताकि यात्रियों से मनमानी वसूली न हो सके।


समीक्षा भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक
नाव परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गुरुवार को समीक्षा भवन सभागार में संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में भागलपुर के जिलाधिकारी, एसएसपी, नगर आयुक्त, पुलिस अधिकारी और संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में नाव सेवा की व्यवस्था, घाटों पर सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए हैं।


प्रशासन ने लोगों को दिया भरोसा
जिलाधिकारी ने कहा कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए विभिन्न घाटों से नाव सेवा शुरू कर दी गई है और सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन प्रशासन की प्राथमिकता है तथा हालात सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
रिपोर्ट: श्यामानंद सिंह, भागलपुर

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