बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई। इस मुलाकात को बिहार की नई सरकार के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुलाकात की तस्वीर भी साझा की है, जिसमें नीतीश कुमार उनके कंधे पर हाथ रखे नजर आ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस तस्वीर को खास संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने संभाला पदभार
इधर नई सरकार में मद्य निषेध विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले मदन सहनी ने शुक्रवार को अपना पदभार ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब की बिक्री जारी है और सरकार इसे रोकने के लिए अब और सख्त कदम उठाने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शराब तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा कानून को और प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।
22 दिन बाद हुआ कैबिनेट विस्तार
बता दें कि बिहार में नई सरकार के गठन के 22 दिन बाद गुरुवार को सम्राट कैबिनेट का विस्तार किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह विभाग समेत कुल छह अहम विभाग अपने पास रखे हैं। इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन और सिविल विमानन विभाग शामिल हैं। नई कैबिनेट में बिजेन्द्र प्रसाद यादव को वित्त विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि विजय कुमार चौधरी जल संसाधन विभाग संभालेंगे।
सबसे ज्यादा चर्चा Nishant Kumar को स्वास्थ्य विभाग मिलने को लेकर हो रही है। निशांत पहली बार मंत्री बने हैं और फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। वहीं मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार की राजनीति में यह पहली बार है जब शिक्षा विभाग बीजेपी के खाते में गया है।

गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ
इससे पहले पटना के गांधी मैदान में आयोजित समारोह में कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। नई कैबिनेट में बीजेपी के 15, जदयू के 13, लोजपा (रामविलास) के 2, हम के 1 और आरएलएम के 1 मंत्री शामिल किए गए हैं। नई सरकार के गठन और विभागों के बंटवारे के बाद अब सबकी नजर सरकार के कामकाज और आने वाले फैसलों पर टिकी हुई है।