बिलौटी एनकाउंटर केस: वीडियो, फोरेंसिक और गवाहों के आधार पर होगी जांच

भोजपुर मुठभेड़ केस में बड़ा एक्शन, न्यायिक जांच के दायरे में आए सभी पुलिसकर्मी

Rashmi Tiwari
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NEWS PR डेस्क:भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई भरत भूषण तिवारी की कथित मुठभेड़ अब व्यापक जांच के दायरे में आ गई है। राज्य सरकार द्वारा घोषित न्यायिक जांच और राज्य मानवाधिकार आयोग की कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े हर पहलू की गहन पड़ताल की जाएगी।


जांच के दौरान मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की भूमिका, कार्रवाई की वैधानिकता और पूरे ऑपरेशन की प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही जांच एजेंसियां घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों, वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पुलिस रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट का भी परीक्षण करेंगी।
सिर्फ मुठभेड़ ही नहीं, बल्कि भरत भूषण तिवारी की पृष्ठभूमि, उनकी कथित नाराजगी के कारणों और घटना से पहले एवं बाद की परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष पड़ताल के लिए हर पहलू को खंगालना जरूरी है।
इस बीच मृतक की मां आशा देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में जगदीशपुर डीएसपी, तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। ऐसे में प्राथमिकी में नामित अधिकारियों के साथ-साथ जिला पुलिस और एसटीएफ के वे सभी कर्मी भी जांच के दायरे में होंगे, जिनका किसी भी रूप में घटना से संबंध रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मामले को लेकर पुलिस महकमे में हलचल तेज है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच वर्तमान जगदीशपुर डीएसपी को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर पुलिस मुख्यालय में क्लोज किए जाने की चर्चा भी चल रही है। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। गौरतलब है कि इस प्रकरण से जुड़ा एक वीडियो 16 जून को प्रसारित होने के मामले में शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री द्वारा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने की घोषणा के बाद मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। वहीं विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और मृतक के परिजनों ने भी पूरे मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि 17 जून को बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई फायरिंग में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद सामने आए वीडियो और मुठभेड़ के दौरान कथित रूप से पिस्टल फेंके जाने के आरोपों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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