‘बिहार गति’ परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश, सीएम ने अधिकारियों से कहा- बाधाएं दूर कर तेज करें काम

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 28 जुलाई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘बिहार गति’ के अंतर्गत चिन्हित 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में आ रही बाधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और नियमित निगरानी के माध्यम से कार्यों में तेजी लाई जाए।

लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जल संसाधन, पथ निर्माण और स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

कोसी-मेची लिंक सहित बड़ी परियोजनाओं में तेजी के निर्देश

जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कोसी-मेची इंटर स्टेट लिंक परियोजना, नॉर्थ कोयल जलाशय परियोजना और मांझा वीयर परियोजना के कार्यों में मानसून के बाद तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और सभी अवरोधों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉर्थ कोयल जलाशय परियोजना के शीघ्र पूरा होने से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वहीं मांझा वीयर परियोजना को समय पर पूरा कर राज्य की सिंचाई एवं जल प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

सड़क परियोजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश

पथ निर्माण विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने वाराणसी-रांची-कोलकाता छह लेन कॉरिडोर, आमस-दरभंगा फोर लेन परियोजना तथा कन्हौली-शेरपुर (एनएच-131जी) छह लेन परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की स्वीकृतियों और अन्य प्रशासनिक बाधाओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने तथा परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य का सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, आवागमन सुगम बनेगा और आर्थिक एवं औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

टीबी मुक्त बिहार अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और जांच सुनिश्चित करने, संभावित मरीजों की शीघ्र पहचान करने तथा जिन क्षेत्रों में टीबी के अधिक मामले हैं वहां विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने सभी टीबी केंद्रों को पूरी तरह कार्यशील बनाने, बंद पड़े केंद्रों को दोबारा शुरू करने तथा 2 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों, मोबाइल स्क्रीनिंग, समय पर उपचार, पोषण सहायता और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

CSR से 2,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए और शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास, खेल, महिला सशक्तिकरण तथा अन्य जनकल्याणकारी क्षेत्रों में CSR फंड का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उद्योगों और कॉरपोरेट संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी से बिहार के विकास को और गति मिलेगी।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा कर उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

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