पटना, : भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग जिलों में तीन सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जहानाबाद, शेखपुरा और पटना में हुई इन कार्रवाइयों में क्रमशः 20 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते आरोपियों को पकड़ा गया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, तीनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद उसका सत्यापन कराया गया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर प्राथमिकी दर्ज कर अलग-अलग धावादल का गठन किया गया और कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
जहानाबाद में मनरेगा के कनीय अभियंता गिरफ्तार
पहली कार्रवाई जहानाबाद में हुई। निगरानी थाना कांड संख्या 105/26 के तहत मनरेगा, प्रखंड सदर, जहानाबाद में पदस्थापित कनीय अभियंता अमन कुमार को 20,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।शिकायतकर्ता अशोक कुमार के अनुसार, ग्राम पंचायत जामुक में मनरेगा के तहत करीब 6,77,790 रुपये की लागत वाली तीन योजनाओं का कार्य पूरा कराया गया था। इन योजनाओं की मापी पुस्तिका के सत्यापन के एवज में आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए अमन कुमार को अंबेदकर चौक के बगल स्थित एक झोपड़ीनुमा होटल से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
शेखपुरा में DTO कार्यालय का लिपिक गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई शेखपुरा जिला परिवहन कार्यालय में हुई। निगरानी थाना कांड संख्या 106/25 के तहत निम्नवर्गीय लिपिक कुणाल कुमार को 15,000 रुपये रिश्वत लेते जिला परिवहन कार्यालय के वरीय लिपिक कक्ष से गिरफ्तार किया गया।शिकायतकर्ता राजू प्रसाद ने आरोप लगाया था कि उनके एग्रीकल्चर ट्रैक्टर UP 30 AC 4378 का बिहार नंबर लेने के एवज में आरोपी द्वारा रिश्वत मांगी जा रही थी।शिकायत के सत्यापन में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद निगरानी टीम ने कार्रवाई की और कुणाल कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
पटना में SI 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार
तीसरी कार्रवाई राजधानी पटना में हुई। निगरानी थाना कांड संख्या 107/25 के तहत जेपी गंगा पथ, यातायात थाना (गांधी मैदान) में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक उपेन्द्र साह को 10,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।शिकायतकर्ता जमील अंसारी ने आरोप लगाया था कि कब्जे में रखे उनके वाहन को छोड़ने के एवज में पुलिस अवर निरीक्षक द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि के बाद निगरानी टीम ने जेपी गंगा पथ, दीघा स्थित यातायात थाना के सिरिस्ता कक्ष में कार्रवाई करते हुए उपेन्द्र साह को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
2026 में अब तक 99 ट्रैप केस, 99 आरोपी गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, भ्रष्टाचार के खिलाफ वर्ष 2026 में अब तक 105वीं, 106वीं और 107वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। इनमें ये मामले क्रमशः 97वां, 98वां और 99वां ट्रैप कांड हैं।इन ट्रैप मामलों में अब तक कुल 99 अभियुक्तों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्यूरो के अनुसार, इन मामलों में अब तक 36 लाख 58 हजार 800 रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की गई है। इसके अलावा एक नया वाशिंग मशीन भी बरामद किया गया है।वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिनमें 37 लाख 80 हजार 300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।सभी गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के बाद उन्हें संबंधित विशेष न्यायालय, निगरानी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मामलों में आगे की अनुसंधान कार्रवाई जारी है।