NEWS PR डेस्क: पटना के वीर चंद पटेल पथ स्थित मिलर हाई स्कूल के पास मौजूद 108 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक जलमीनार को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि पटना नगर निगम ने जलमीनार परिसर के विकास, सौंदर्यीकरण और कैफेटेरिया निर्माण के लिए करीब 3.38 करोड़ रुपये की परियोजना की निविदा आमंत्रित की है। कार्यकारी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
14,400 वर्गफीट में होगा परिसर का विकास
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विजन के अनुरूप बिहार की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में पटना की ऐतिहासिक जलमीनार का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। परियोजना के तहत करीब 14,400 वर्गफीट क्षेत्रफल में पूरे परिसर का समग्र विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
2,500 वर्गफीट में बनेगा आधुनिक कैफेटेरिया
परियोजना के तहत जलमीनार परिसर में करीब 2,500 वर्गफीट क्षेत्रफल में आधुनिक कैफेटेरिया का भी निर्माण किया जाएगा। इससे यहां आने वाले पर्यटकों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी साथ ही परिसर को आकर्षक सार्वजनिक और पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के साथ लोगों के लिए आधुनिक जनसुविधाएं उपलब्ध कराना है।
130 फीट ऊंची जलमीनार, एक लाख गैलन पानी की क्षमता
वर्ष 1915 से 1918 के बीच निर्मित यह जलमीनार करीब 130 फीट ऊंची है और पटना की ऐतिहासिक एवं तकनीकी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इसकी पानी रखने की क्षमता करीब एक लाख गैलन है। जलमीनार की विशिष्ट संरचना और इसमें लगा अनूठा फ्लोटिंग इंडिकेटर उस दौर की उन्नत इंजीनियरिंग को दर्शाता है। मंत्री ने कहा कि जीर्णोद्धार के बाद यह स्थल ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं के बेहतर समन्वय के साथ लोगों के लिए नया आकर्षण बनेगा।