NEWS PR डेस्क : वैशाली के राघोपुर में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत से कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दर्दनाक घटना के बाद राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। पटना स्थित कौटिल्य नगर आवास पर पहुंचे पीड़ितों को लालू यादव ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया, जबकि तेजस्वी यादव ने हादसे की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
‘यह बहुत दिल दहला देने वाली घटना है’, बोले तेजस्वी यादव
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान तेजस्वी यादव ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि ऐसी घटना किसी भी परिवार के साथ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यह बहुत दिल दहला देने वाली घटना है। ऐसा किसी परिवार के साथ नहीं होना चाहिए। वहां पीढ़ियां खत्म हो गई हैं।” तेजस्वी ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
बिहार सरकार पर भी साधा निशाना
राघोपुर नाव हादसे को लेकर सरकार पर सवाल उठाने के साथ ही तेजस्वी यादव ने बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “7 हत्या के मुकदमे वाले व्यक्ति मुख्यमंत्री बने हैं, बिहार में अपराध बेलगाम होगा ही।” तेजस्वी ने हादसे की जिम्मेदारी तय करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की जरूरत पर जोर दिया।
कैसे हुआ राघोपुर में दर्दनाक नाव हादसा?
जानकारी के अनुसार, वैशाली जिले के राघोपुर दियारा क्षेत्र में मंगलवार रात नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों और बचाए गए बच्चों के बयानों के मुताबिक, नाव में छेद होने, क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने और तेजी से पानी भरने के कारण हादसा हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पर करीब 25 लोग सवार थे। नाव पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने पानी में कूदकर जान बचाने की कोशिश की, जबकि कई लोग नाव के नीचे दब गए। रात का अंधेरा होने के कारण राहत और बचाव कार्य में भी काफी मुश्किलें आईं।
बचाव कार्य में देरी को लेकर लोगों में नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने रस्सी के सहारे लकड़ी और खाट का इस्तेमाल कर पानी से शवों को बाहर निकाला। वहीं, बचाव दल के देर से पहुंचने के आरोपों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई और मौके पर हंगामा भी हुआ। फिलहाल, प्रशासन की ओर से राहत और बचाव से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को सहायता देने, घटना के कारणों की जांच करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग तेज हो गई है।