NEWS PR डेस्क : पटना/बिहटा: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति और चुनावी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर अपनी बात रखी। पटना के बिहटा पहुंचे प्रशांत किशोर ने पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के जन सुराज प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बनाने या गिराने का नहीं, बल्कि पिछले 30-40 वर्षों से चली आ रही समस्याओं का समाधान तलाशने का अवसर है।उन्होंने जनता से अपील की कि मतदान करते समय जाति, धर्म और नेताओं के नाम के बजाय अपने बच्चों के भविष्य, स्थानीय समस्याओं और बिहार के विकास को प्राथमिकता दें।
‘नेता नहीं, जनता खुद बदलेगी अपना जीवन’
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आते ही राजनीतिक दल और नेता जनता के बीच पहुंचने लगते हैं, लेकिन जन सुराज लगातार लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब-जब चुनाव होंगे, उनकी टीम जनता के बीच जाकर उसके अधिकारों और जिम्मेदारियों की याद दिलाएगी।
उन्होंने कहा, “कोई नेता, कोई दल, प्रशांत किशोर, लालू, नीतीश या मोदी आपका जीवन नहीं बदल सकता। जब तक आप खुद नहीं बदलेंगे, तब तक समाज में सुधार नहीं होगा।”
प्रशांत किशोर ने लोगों से पिछली गलतियों से सबक लेने की अपील करते हुए कहा कि जन सुराज आगे भी जनता के बीच पहुंचता रहेगा। उन्होंने कहा कि छह महीने बाद होने वाले मुखिया, सरपंच और जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव के दौरान भी लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा।
बैल और घोड़े का उदाहरण देकर सरकार पर निशाना
बिहटा में अपने संबोधन के दौरान प्रशांत किशोर ने सरकार को नियंत्रित रखने के लिए बैल और घोड़े का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब बैल बात नहीं मानता तो उसे नाथना पड़ता है और घोड़ा बात नहीं सुनता तो उस पर लगाम लगानी पड़ती है। इसी तरह, अगर जनता की ओर से चुनी गई सरकार उसकी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती, तो जनता को उसे जवाबदेह बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह सरकार आपने बनाई है। अगर अब यह आपकी बात नहीं मान रही है, तो इसे नाथिए।”इस दौरान उन्होंने जन सुराज के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की।
जाति-धर्म से ऊपर उठकर मतदान करने की अपील
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को अपनी राजनीतिक सोच और मतदान के तरीके पर विचार करना होगा। उनके मुताबिक, केवल नेताओं के नाम, जाति या धर्म के आधार पर वोट देने से आम लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित नहीं हो सकता।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे शिक्षा, रोजगार, बच्चों के भविष्य और राज्य के विकास जैसे मुद्दों को ध्यान में रखकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। पटना से पशुपतिनाथ शर्मा की रिपोर्ट
प्रशांत किशोर का सरकार पर तंज, बोले- जनता की बात नहीं मान रही सरकार तो उसे नाथिए