NEWS PR डेस्क : बिहार की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के एक फैसले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मामला दो विधान पार्षदों यानी MLC को लेकर है। पहले दोनों MLC के बीजेपी में शामिल होने की खबर सामने आई, लेकिन जैसे ही इसको लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा, पार्टी ने अपने रुख में बदलाव करते हुए सफाई दी कि दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल नहीं कराया गया है, बल्कि उन्होंने सिर्फ बीजेपी को समर्थन दिया है।
दरअसल, दोनों MLC के बीजेपी के साथ आने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। इसे पार्टी के विस्तार और राजनीतिक ताकत बढ़ाने से जोड़कर देखा जाने लगा। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठने लगे तो बीजेपी की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया।
विवाद बढ़ा तो बदला बयान
बीजेपी ने साफ किया कि दोनों MLC पार्टी के सदस्य नहीं बने हैं। उन्होंने केवल समर्थन देने की बात कही है। पार्टी के इस बयान के बाद अब राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। विपक्ष को भी बीजेपी पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है।
BJP के रुख पर उठ रहे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर दोनों MLC ने केवल समर्थन दिया था, तो शुरुआत में उनके बीजेपी में शामिल होने की खबरें क्यों सामने आईं? क्या पार्टी ने जल्दबाजी में उन्हें शामिल कराने का संदेश दिया या फिर विवाद बढ़ने के बाद राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए सफाई दी गई
बीजेपी की सफाई के बाद यह मामला बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि दोनों MLC की भूमिका और बीजेपी के साथ उनके रिश्ते को लेकर आगे क्या तस्वीर सामने आती है।