NEWSPR डेस्क। कटिहार के कोलासी प्रखंड के दक्षिणी सिमरिया पंचायत के लोग जान जोखिम में डाल कर चचरी पुल पार कर गांव के एक छोर से दूसरी छोर जाने को विवश हैं। ऐसा नहीं कि ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन को इस मामले से अवगत नहीं करवाया। बावजूद इसके इनकी नजरें इस ओर नहीं गई। पिछले साल बारिश में ध्वस्त हुई इस पुल के बाद ग्रामीणों ने स्वयं चंदा कर वैकल्पिक आवागमन का रास्ता तैयार करके बनाया।
दक्षिणी सिमरिया गांव के लोग वर्षो से अपनी आस्था और पूजा अर्चना करने के लिए काली मंदिर इसी चचरी पुल पार करके जाते हैं। स्थानीय ग्रामीण की मानें तो अनलोगों की आस्था गांव के काली मंदिर में है और बारिश में पुल ध्वस्त होने के बाद अब वो इसी चचरी पुल से आवागमन करते हैं और उन्हें हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं पंचायत के जनप्रतिनिधि की मानें तो उन्होंने विधान पार्षद से लेकर प्रसाशन तक पुल बनाने की गुहार लगा चुके है लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
कटिहार से रतन कुमार की रिपोर्ट